रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कर्मचारियों की सेवा, पेंशन, प्रोन्नति, मानदेय और विभागीय नियमावलियों से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ देने के मामले भी शामिल हैं.
कैबिनेट ने राज्यकर्मियों की वेतन विसंगतियों, सेवा शर्तों में एकरूपता तथा एसीपी-एमएसीपी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए नई उच्चस्तरीय समिति के पुनर्गठन को मंजूरी दी. इसके साथ ही राज्य प्रोबेशन सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 और झारखंड राज्य आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) नियमावली-2026 के गठन को भी स्वीकृति दी गई.
दैनिक वेतनभोगियों को पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ
- 11 विभागीय संकल्पों में संशोधन: उच्च न्यायालय द्वारा 11 रिट याचिकाओं में पारित आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पेंशनादि लाभ देने से संबंधित 11 विभागीय संकल्पों में संशोधन की मंजूरी दी गई.
- सुलेमान लकड़ा की सेवा नियमित: अग्र परियोजना केंद्र, नेतरहाट के मुख्यालय लोहरदगा में कार्यरत आदेशपाल-सह-रात्रिप्रहरी सुलेमान लकड़ा की सेवा नियमित करने और सेवानिवृत्ति लाभ देने की मंजूरी दी गई. यह निर्णय डब्ल्यूपी(एस) संख्या 1039/2024 और सीएमपी संख्या 366/2024 में पारित आदेशों के अनुपालन में लिया गया.
- अतहर हुसैन अंसारी और अन्य को पेंशन: लघु वितरणी प्रमंडल-05, डिमना, जमशेदपुर के सेवानिवृत्त अनुसेवक अतहर हुसैन अंसारी एवं अन्य की प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि से सेवा की गणना कर सेवानिवृत्ति की तिथि से पेंशनादि लाभ देने की स्वीकृति मिली. यह फैसला डब्ल्यूपी(एस) संख्या 4036/2012 में नौ मई 2024 को पारित आदेश के आलोक में लिया गया.
- दशरथ मंडल समेत 17 कर्मचारियों को लाभ: लघु सिंचाई प्रमंडल, गढ़वा के सेवानिवृत्त कोषरक्षक दशरथ मंडल समेत 17 कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि से सेवा की गणना कर पेंशन लाभ देने की मंजूरी मिली. यह निर्णय उच्च न्यायालय के नौ दिसंबर 2024 के आदेश और 14 मई 2026 को अवमानना मामले में पारित निर्णय के आलोक में लिया गया.
- स्वर्गीय मोहम्मद जहीरुद्दीन का मामला: भूतपूर्व पदचर स्वर्गीय मोहम्मद जहीरुद्दीन की सेवा नियमित और संपुष्ट कर अनुमान्य वित्तीय लाभ देने की मंजूरी मिली. यह निर्णय डब्ल्यूपी(एस) संख्या 2991/2025 में पारित आदेश के अनुपालन में लिया गया.
- विमल कुमार सिंह और शेख अब्दुल अजीज: दोनों की सेवा नियमित और संपुष्ट कर अनुमान्य वित्तीय लाभ देने की स्वीकृति मिली. यह फैसला संबंधित रिट याचिकाओं में 24 सितंबर 2025 को पारित संयुक्त आदेश के अनुपालन में लिया गया.
- गिरिश चन्द्र को सेवांत लाभ: विशेष भू-अर्जन कार्यालय, मध्यम सिंचाई परियोजना, देवघर के तत्कालीन लिपिक गिरिश चन्द्र की सेवा नियमित करने और सेवांत लाभ देने की मंजूरी दी गई. यह निर्णय डब्ल्यूपी(एस) संख्या 6176/2025 तथा उससे जुड़े अवमानना मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लिया गया.
प्रतिनियुक्ति, प्रोन्नति और नियुक्ति तिथि से जुड़े फैसले
- राम किशोर सिंह अरविन्द की सेवा अवधि नियमित: विस्कोमान से प्रतिनियुक्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, साहेबगंज के तत्कालीन प्राचार्य राम किशोर सिंह अरविन्द को झारखंड सरकार का कर्मचारी मानते हुए 11 मार्च 2015 से 31 जुलाई 2018 तक की अवधि नियमित करने, इस अवधि के वेतन का भुगतान करने, सेवा को राज्य सरकार की सेवा में समायोजित करने और सेवानिवृत्ति के बाद देय लाभ देने की मंजूरी मिली. यह निर्णय डब्ल्यूपी(एस) संख्या 4382/2021 में 31 अक्टूबर 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में लिया गया.
- राम कुमार सिंह को वैचारिक प्रोन्नति: पथ निर्माण विभाग, रांची के सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता राम कुमार सिंह को आठ जुलाई 2014 के भूतलक्षी प्रभाव से अधीक्षण अभियंता के पद पर वैचारिक प्रोन्नति देने और उसके अनुसार सेवांत लाभ संशोधित करने की मंजूरी दी गई. यह फैसला विभाग की ओर से दायर एलपीए संख्या 743/2023 के परिणाम से प्रभावित होने की शर्त पर लागू होगा.
- कपिलदेव हांसदा और ज्योति कुमारी की नियुक्ति तिथि बदलेगी: सर्वोच्च न्यायालय के छह मई 2025 के आदेश के अनुपालन में दोनों की उप समाहर्ता पद पर नियुक्ति की तिथि संशोधित करने तथा वरीयता पुनर्निर्धारित करने को स्वीकृति मिली.
- अनिल कुमार सिंह समेत 14 वादियों को पेंशन: 13 जुलाई 2024 को राष्ट्रीय लोक अदालत में पारित निर्णय के आलोक में 14 वादियों को प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि से पेंशनादि भुगतान के मामले में वित्त विभाग के 19 सितंबर 2024 के संकल्प की संबंधित शर्त को शिथिल करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई. इनमें आठ वादियों के एनपीएस खाते में एनएसडीएल स्थित पीआरएएन खाते में संचित सरकारी अंशदान और लाभांश की राशि का पेंशन या बकाया पेंशन से सामंजन करने की मंजूरी भी शामिल है.
- डॉ. विजय शंकर नारायण सिंह की बर्खास्तगी निरस्त: हजारीबाग नगरपालिका के तत्कालीन विशेष पदाधिकारी, गढ़वा के तत्कालीन अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और झारखंड के तत्कालीन राज्य आरसीएच पदाधिकारी डॉ. विजय शंकर नारायण सिंह की सेवा से बर्खास्तगी का आदेश उच्च न्यायालय के एक अगस्त 2024 के फैसले के आलोक में निरस्त करने की मंजूरी दी गई.
- गोपाल राम रजक का मामला: उच्च न्यायालय में डब्ल्यूपी(एस) संख्या 195/2021 में नौ नवंबर 2023 को पारित आदेश के अनुपालन को स्वीकृति दी गई.
वेतन विसंगति दूर करने के लिए नई समिति - एसीपी-एमएसीपी मामलों की समीक्षा: राज्यकर्मियों की वेतन विसंगतियों, सेवा शर्तों में एकरूपता और एसीपी-एमएसीपी से संबंधित मामलों के समाधान के लिए पहले गठित समितियों को समाप्त कर नई उच्चस्तरीय समिति के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई.
- पांच छाया पद सृजित होंगे: जल संसाधन विभाग में कनीय अभियंता (यांत्रिक) से सहायक अभियंता (यांत्रिक) के पद पर नियमित प्रोन्नति के लिए विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर वेतन मैट्रिक्स लेवल-9 के पांच छाया पद सृजित करने की मंजूरी दी गई.
- जी राम जी योजना के कर्मियों का मानदेय: विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत संविदा पर कार्यरत क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कर्मियों के मासिक मानदेय में संशोधन को स्वीकृति मिली.
- नई सेवा नियमावलियां और प्रशासनिक सुधार
दो नई सेवा नियमावलियां: राज्य प्रोबेशन सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 तथा झारखंड राज्य आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) नियमावली-2026 के गठन को मंजूरी दी गई. - वित्त विभाग की परियोजना प्रबंधन इकाई: उच्च तकनीकी दक्षता वाले पेशेवरों को संविदा पर दो पदों में नियोजित करने के लिए 12 सितंबर 2024 के संकल्प में संशोधन को मंजूरी मिली.
- कोषागार संहिता में संशोधन: झारखंड कोषागार संहिता-2016 के नियम 131 में संशोधन को स्वीकृति दी गई.
- विशेषज्ञ समिति की नियमावली: राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में अध्ययन, अनुसंधान और तकनीकी परामर्श के लिए विषय विशेषज्ञों की सेवाएं लेने संबंधी झारखंड विशेषज्ञ समिति गठन एवं कार्यप्रणाली नियमावली-2026 को मंजूरी मिली.
- सरकारी सेवकों की विदेश यात्रा: सरकारी सेवकों को विदेश यात्रा की अनुमति देने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई.
- विभागीय अधिसूचना में बदलाव: विभागीय अधिसूचना संख्या 1269, दिनांक 21 सितंबर 2023 में आंशिक संशोधन को मंजूरी दी गई.
आत्मसमर्पण करने वालों के लिए 2.50 करोड़ रुपये
आकस्मिकता निधि से राशि: वित्तीय वर्ष 2026-27 में उग्रवादियों के आत्मसमर्पण से संबंधित संभावित व्यय के लिए झारखंड आकस्मिकता निधि से 2.50 करोड़ रुपये अग्रिम स्वीकृत किए गए.
जन वितरण प्रणाली, दुकान एवं प्रतिष्ठान और अग्निशमन नियम
- पीडीएस दुकानदारों को शुल्क से राहत: जन वितरण प्रणाली की दुकानों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन और मुहरांकन शुल्क से दुकानदारों को मुक्त करने के लिए झारखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली-2011 में संशोधन को मंजूरी दी गई. इसके लिए नियम 17(5) के बाद नया नियम 17(6) जोड़ा जाएगा.
- दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन: झारखंड दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम-1953 की धारा 9 और धारा 21 में संशोधन को स्वीकृति मिली.
- फायर एनओसी की अवधि बदलेगी: फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता और नवीनीकरण अवधि में बदलाव को मंजूरी दी गई.
- अपशिष्ट जल, नगरपालिका नियम और विधेयक वापसी अपशिष्ट जल नीति: झारखंड वेस्ट वाटर (अमेंडमेंट) पॉलिसी-2026 के गठन को मंजूरी दी गई.
नगरपालिका भूमि-भवन अधिभार: झारखंड नगरपालिका भूमि/भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली-2026 के गठन को स्वीकृति मिली. - कर्मकार संशोधन विधेयक वापस होगा: झारखंड विधानसभा द्वारा 24 जुलाई 2019 को पारित भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवाशर्त विनियमन) (झारखंड संशोधन) विधेयक-2019 को वापस लेने की मंजूरी दी गई.
कैबिनेट के इन फैसलों में कर्मचारियों की पेंशन और सेवा लाभ, नियुक्ति एवं प्रोन्नति, मानदेय, विभागीय नियमावलियों, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे.


