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    Home»fact»इंटरमिटेंट फास्टिंग से दिल की बीमारी का खतरा दोगुना, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
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    इंटरमिटेंट फास्टिंग से दिल की बीमारी का खतरा दोगुना, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

    Team JoharBy Team JoharAugust 24, 2025No Comments3 Mins Read
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    इंटरमिटेंट
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    Johar Live Desk : फिटनेस और वजन घटाने के लिए लोकप्रिय इंटरमिटेंट फास्टिंग को लेकर एक नई स्टडी ने चौंकाने वाले नतीजे सामने रखे हैं। जर्नल Diabetes and Metabolic Syndrome में प्रकाशित इस रिसर्च के अनुसार, जो लोग रोजाना 8 घंटे से कम समय तक खाना खाते हैं, उनमें दिल की बीमारी से मौत का खतरा 135% तक बढ़ सकता है। यानी 16 घंटे के उपवास (16:8 पैटर्न) को लंबे समय तक अपनाने वाले लोगों में हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी समस्याओं से मृत्यु की संभावना दोगुनी हो सकती है।

    क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग :

    इंटरमिटेंट फास्टिंग एक ऐसी डाइट है, जिसमें दिन का एक हिस्सा खाने के लिए और बाकी समय उपवास के लिए तय किया जाता है। सबसे ज्यादा प्रचलित 16:8 पैटर्न में लोग 16 घंटे उपवास करते हैं और 8 घंटे के समय में भोजन करते हैं। कुछ लोग 12 घंटे खाने और 12 घंटे उपवास या 10 घंटे की खाने की अवधि चुनते हैं।

    स्टडी में क्या मिला :

    यह अध्ययन अमेरिका के US National Health and Nutrition Examination Survey के 19,000 वयस्कों के डेटा पर आधारित है। शोध में पाया गया कि 8 घंटे से कम खाने की अवधि वाले लोगों में दिल और धमनियों से जुड़ी बीमारियों से मृत्यु का जोखिम ज्यादा है। यह खतरा नस्ल, आर्थिक स्थिति या जीवनशैली के आधार पर सभी समूहों में एकसमान देखा गया। हालांकि, कैंसर या अन्य कारणों से मृत्यु पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पाया गया।

    इंटरमिटेंट

    फायदे और नुकसान

    पिछले शोधों में इंटरमिटेंट फास्टिंग के कई फायदे बताए गए हैं, जैसे:

    • वजन में कमी
    • ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल में सुधार
    • कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण
    • शरीर में सूजन कम होना

    लेकिन लंबे समय तक इसे अपनाने से कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे :

    • पोषक तत्वों की कमी
    • चिड़चिड़ापन और सिरदर्द
    • अत्यधिक भूख और थकान
    • डाइट को लंबे समय तक न निभा पाना

    शोधकर्ताओं की चेतावनी

    स्टडी के प्रमुख लेखक विक्टर वेन्जे झोंग ने चेतावनी दी है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के लंबे समय तक प्रभावों पर अभी पर्याप्त शोध नहीं हैं। उन्होंने सलाह दी है कि लोग बिना पूरी जानकारी के 16 घंटे के उपवास को सालों तक न अपनाएं, क्योंकि यह दिल की सेहत और लंबी उम्र के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

    Disclaimer : विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लेना जरूरी है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे हो सकते हैं, लेकिन इसे सावधानी और संतुलन के साथ अपनाना चाहिए।

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