Ranchi : नए साल की शुरुआत के साथ ही जनवरी महीने में सनातन धर्मावलंबियों के लिए कई महत्वपूर्ण पर्व और त्योहार पड़ रहे हैं। इस महीने पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, गुप्त नवरात्र, बसंत पंचमी और अचला सप्तमी जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन पर्वों के दौरान कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इनका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पौष मास की स्नान-दान पूर्णिमा शनिवार को आर्द्रा नक्षत्र और ब्रह्म योग में मनाई जाएगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना गया है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास समाप्त होगा और शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान को विशेष पुण्यदायी माना गया है।
18 जनवरी को मौनी अमावस्या का पर्व पड़ेगा। इस दिन श्रद्धालु मौन रखकर गंगा और संगम में स्नान कर दान-पुण्य करेंगे। ज्योतिष के अनुसार इस दिन किए गए दान से कई गुना पुण्य की प्राप्ति होती है। 19 जनवरी से गुप्त नवरात्र की शुरुआत होगी। यह नवरात्र देवी उपासना और साधना का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान माता वैष्णो देवी, कामाख्या देवी और दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है।
23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा होगी। छात्रों और शिक्षकों के लिए यह दिन खास माना जाता है। ज्योतिषाचार्य ने यह भी बताया कि नए साल में कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। इनमें से केवल एक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा।
जनवरी 2026 के प्रमुख पर्व-त्योहार :
- 3 जनवरी : पौष पूर्णिमा (स्नान-दान)
- 14 जनवरी : मकर संक्रांति
- 18 जनवरी : मौनी अमावस्या
- 19 जनवरी : गुप्त नवरात्र आरंभ
- 23 जनवरी : बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा)
- 25 जनवरी : अचला सप्तमी
जनवरी का महीना धार्मिक दृष्टि से खास रहेगा और श्रद्धालुओं में पर्व-त्योहार को लेकर उत्साह बना हुआ है।
Also Read : झारखंड में बढ़ी ठंड, अगले कुछ दिनों में और गिरेगा तापमान


