रांची। आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. पार्टी के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि निशा भगत झारखंड की बेटी थीं. सरकार या किसी नेता की आलोचना करने से वह दुश्मन नहीं हो जातीं. पूरे मामले की पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
मनोज पांडेय ने कहा कि जांच सभी बिंदुओं पर की जा रही है. किन परिस्थितियों में और किस मानसिक स्थिति में निशा भगत ने यह कदम उठाया, किन-किन लोगों से उनकी बातचीत हुई और आखिरी क्षणों में उन्होंने किससे बात की थी, इन सभी पहलुओं की जांच होगी. उन्होंने कहा कि दो-चार दिनों में जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट आ सकती है. इसके बाद स्थिति और स्पष्ट होगी.
उन्होंने घटना के बाद भाजपा नेताओं की बयानबाजी पर भी सवाल उठाए. कहा कि ऐसी दुखद घटना और शोक के समय में भी भाजपा के लोग राजनीति कर रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग किए जाने पर उन्होंने कहा कि निशा भगत ने अपने आरोपों में आरएसएस और भाजपा का भी नाम लिया था. ऐसे में केवल चुनिंदा आरोपों के आधार पर बयानबाजी नहीं होनी चाहिए.
मनोज पांडेय ने बताया कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस प्रशासन को फोन किए जाने के 20-25 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पर लोगों को भरोसा रखना चाहिए. जांच के बाद सभी तथ्य सामने आएंगे और दोषियों पर कार्रवाई होगी.
भूमाफिया के आरोपों पर भाजपा को घेरा
भूमाफिया से जुड़े आरोपों पर मनोज पांडेय ने भाजपा पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले अपनी पार्टी में मौजूद भूमाफियाओं के बारे में भी बताना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं से बड़े-बड़े नेताओं के संबंध हैं और उन्हें पैसे दिए जाते हैं. मनोज पांडेय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ऐसे मामले आगे बढ़े तो वह कई लोगों की पोल खोल देंगे.
उन्होंने कहा कि इस मामले में अनर्गल बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए. पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि निशा भगत के आखिरी समय में किन लोगों से बातचीत हुई थी और इस पूरे मामले में कौन दोषी है.
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