भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची में पावर सेक्टर के अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट स्किल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पांच दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (MDP) की शुरुआत हुई. यह कार्यक्रम खास तौर पर Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited (PVUNL) और NTPC के अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया है. कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ.
इस मौके पर IIM रांची के डायरेक्टर प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव, PVUNL के चेयरमैन एवं NTPC लिमिटेड के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) के. षणमुगा सुंदरम, PVUNL पतरातु के CEO अशोक कुमार सहगल, AGM (HR) जियाउर रहमान, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन एंड कंसल्टिंग के डीन प्रो. अमित सचान, प्रोग्राम डायरेक्टर प्रो. मनीष बंसल और प्रो. नितिन सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
रणनीतिक सोच और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम की शुरुआत में एग्जीक्यूटिव एजुकेशन एंड कंसल्टिंग के डीन प्रो. अमित सचान ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और पूरे पांच दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की. उन्होंने कहा कि आज के दौर में किसी भी संगठन की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को कितनी तेजी से ढाल पाता है.
उन्होंने बताया कि इस MDP का पाठ्यक्रम अधिकारियों की रणनीतिक सोच विकसित करने, बेहतर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.
राष्ट्र निर्माण में PSUs की भूमिका अहम : प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव
IIM रांची के डायरेक्टर प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता उसके स्पष्ट उद्देश्य और मजबूत विजन पर आधारित होती है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि आधुनिक बिजनेस मैनेजमेंट केवल प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़कर एक मजबूत रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया है. बदलते आर्थिक माहौल में संगठनों को लगातार नई सोच और बेहतर प्रबंधन कौशल अपनाने की जरूरत है.
अगली पीढ़ी के प्रोजेक्ट लीडर तैयार करना है लक्ष्य
PVUNL पतरातु के CEO अशोक कुमार सहगल ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ तकनीकी ज्ञान देना नहीं, बल्कि भविष्य के सक्षम प्रोजेक्ट लीडर तैयार करना भी है.
उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्लांट से आए अधिकारियों को एक मंच पर लाकर उन्हें वैश्विक स्तर की कार्यशैली और नई चुनौतियों को समझने का अवसर दिया जा रहा है. उनके अनुसार किसी भी सफल कार्यस्थल की नींव सुरक्षा, गति और स्थिरता पर टिकी होती है. उन्होंने अधिकारियों से लगातार सीखने और अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने की अपील की.
ऊर्जा क्षेत्र में लगातार स्किल अपडेट करना जरूरी : के. षणमुगा सुंदरम
PVUNL के चेयरमैन और NTPC लिमिटेड के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) के. षणमुगा सुंदरम ने कहा कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है. आज देश पारंपरिक थर्मल और हाइड्रो पावर के साथ-साथ सोलर, विंड, न्यूक्लियर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ऊर्जा क्षेत्र में प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. ऐसे में अधिकारियों के लिए समय-समय पर अपनी स्किल्स को अपडेट करना और नई तकनीकों को सीखना बेहद जरूरी है.
30 से ज्यादा अधिकारी ले रहे हैं प्रशिक्षण
प्रोग्राम डायरेक्टर प्रो. मनीष बंसल ने बताया कि पांच दिनों के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंडस्ट्री से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी. प्रतिभागियों को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, लीडरशिप, रणनीतिक निर्णय, टीम मैनेजमेंट और एग्जीक्यूशन एक्सीलेंस जैसे विषयों की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी.
समापन सत्र में प्रो. नितिन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए बताया कि देश के विभिन्न प्लांट से आए 30 से अधिक अधिकारी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने प्रतिभागियों से सकारात्मक सोच के साथ प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और अपने अनुभवों को एक-दूसरे के साथ साझा करने की अपील की.

