Hazaribagh : झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को हजारीबाग में बढ़ती यातायात अव्यवस्था पर कड़ा रुख दिखाया। अदालत ने हजारीबाग के डीसी, एसपी और नगर आयुक्त को अवमानना का नोटिस जारी किया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अब व्यक्तिगत हलफनामा 10 मार्च तक दायर करना होगा।
आदेश का पालन नहीं किया, हलफनामा किया कनिष्ठ अधिकारियों के जरिए
9 फरवरी को हाईकोर्ट ने इन तीनों अधिकारियों को आदेश दिया था कि वे व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें। लेकिन डीसी, एसपी और नगर आयुक्त ने इसके बजाय अपने कनिष्ठ अधिकारियों के जरिए हलफनामा भेजा। इससे अदालत नाराज हो गई और उन्होंने अवमानना का नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी।
चीफ जस्टिस की पीठ ने की सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने मामले की सुनवाई की। अधिवक्ता अच्युतस्वरूप मिश्रा ने याचिका दायर कर बताया कि अधिकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं और समय पर हलफनामा भी नहीं जमा किया गया।
सड़क पर अतिक्रमण और अन्य समस्याओं का जिम्मा
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि शहर में सड़क पर अतिक्रमण, पार्किंग स्पेस पर कब्जा और खराब सीसीटीवी कैमरों जैसी समस्याओं का समाधान होना था। लेकिन अधिकारियों ने हलफनामा केवल कागजों में जमा कराकर आदेश की अवमानना की। अदालत ने कहा कि सुधार जमीन पर नहीं दिख रहे, सिर्फ कागजों में हो रहा है।
पहले भी लगाई जा चुकी है फटकार
इससे पहले भी पीठ ने अधिकारियों को चेताया था कि आदेशों का पालन गंभीरता से करना होगा। अदालत ने कहा था कि अब सिर्फ समय बर्बाद करने की कोशिश नहीं चलेगी। अधिकारियों को सीधे जिम्मेदारी लेनी होगी और वास्तविक सुधार दिखाना होगा।
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