Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»विदेशी पैसों को भारत लाने की बड़ी तैयारी, GIFT-IFSC में पांच साल में 1,193 मंजूरियां
    जोहार ब्रेकिंग

    विदेशी पैसों को भारत लाने की बड़ी तैयारी, GIFT-IFSC में पांच साल में 1,193 मंजूरियां

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkAugust 14, 2026Updated:August 14, 2026No Comments3 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    विजय उरांव

    भारत अब दुनिया के बड़े वित्तीय कारोबार को अपने देश में लाने की तैयारी तेज कर रहा है. गुजरात के गांधीनगर में बनी GIFT City इसी कोशिश का अहम हिस्सा है. यहां GIFT-IFSC को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां विदेशी और भारतीय संस्थाएं बैंकिंग, बीमा, निवेश और पैसे से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय कारोबार कर सकें.

    इसे आसान तरीके से ऐसे समझिए—अगर कोई भारतीय कंपनी विदेश से पैसा जुटाना चाहती है या कोई विदेशी कंपनी भारत से जुड़ा वित्तीय कारोबार करना चाहती है, तो हर काम के लिए उसे सिंगापुर या दुबई जैसे दूसरे देशों के वित्तीय केंद्रों पर निर्भर न रहना पड़े. GIFT-IFSC का मकसद ऐसी सुविधाएं भारत में ही उपलब्ध कराना है.

    वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि GIFT-IFSC में दी गई मंजूरियों और रजिस्ट्रेशन की संख्या पिछले पांच साल में 110 से बढ़कर 1,193 हो गई है. मार्च 2021 में यह संख्या 110 थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 1,193 पहुंच गई.

    क्या है GIFT-IFSC?

    गुजरात के गांधीनगर में बनी GIFT City में एक खास वित्तीय केंद्र है, जिसे GIFT-IFSC कहा जाता है. GIFT-IFSC का पूरा नाम Gujarat International Finance Tec-City – International Financial Services Centre है. आसान भाषा में इसका मतलब है, ऐसा वित्तीय केंद्र जहां भारत और विदेश की कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंकिंग, निवेश, बीमा और पैसे से जुड़ा कारोबार कर सकती हैं.

    बैंकिंग और निवेश से जुड़ी सेवाओं में भी बढ़ोतरी

    मार्च 2026 तक GIFT-IFSC में 37 बैंकिंग यूनिट, 217 फंड मैनेजमेंट संस्थाएं और 70 बीमा संस्थाएं थीं. इसके अलावा 869 दूसरी वित्तीय सेवाओं से जुड़ी संस्थाएं थीं. इनमें फिनटेक और फाइनेंस कंपनियां भी शामिल हैं. संसद के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक GIFT-IFSC में 652 संस्थाएं मौजूद थीं. इनमें 487 भारतीय और 165 विदेशी संस्थाएं थीं.

    आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब?

    GIFT-IFSC का असर आम आदमी को सीधे दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका मकसद देश में निवेश और कारोबार बढ़ाना और रोजगार के नए मौके पैदा करना है. अगर ज्यादा विदेशी बैंक, निवेश कंपनियां और दूसरी वित्तीय संस्थाएं भारत में काम करती हैं, तो उनके साथ बैंकिंग, तकनीक, कानून, अकाउंटिंग और दूसरी सेवाओं से जुड़े कारोबार भी बढ़ सकते हैं. इससे रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.

    इसके साथ ही भारत की कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं के लिए विदेश जाने की जरूरत कम हो सकती है. यानी जिस पैसे और वित्तीय कारोबार के लिए अभी भारत के बाहर के केंद्रों का इस्तेमाल होता है, उसका कुछ हिस्सा भारत में ही आने की कोशिश है.

    सरकार ने क्या कदम उठाए?

    GIFT-IFSC की निगरानी और विकास के लिए सरकार ने IFSCA नाम का एक अलग नियामक बनाया है. एयरक्राफ्ट और शिप लीजिंग, फंड मैनेजमेंट और दूसरी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा दिया गया है.

    कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए Single Window System भी शुरू किया गया है. सरकार ने GIFT-IFSC से जुड़ी इकाइयों के लिए टैक्स में भी कई रियायतें दी हैं.

    संसद के मुताबिक, GIFT-IFSC के बढ़ने से विदेशी निवेश आकर्षित करने, भारत में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कारोबार लाने, पूंजी जुटाने और सीमा-पार लेनदेन बढ़ाने में मदद मिल रही है. सीधी भाषा में कहें तो GIFT-IFSC भारत में बनाया जा रहा ऐसा वित्तीय केंद्र है, जहां दुनिया के बड़े वित्तीय संस्थानों को लाकर भारत को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कारोबार का बड़ा केंद्र बनाने की कोशिश हो रही है.

    LOK SABHA, UNSTARRED QUESTION NO. 3475 MONDAY, AUGUST 10, 2026/ SHRAVANA 19, 1948 (SAKA

    Also Read : विदेशी कंपनियों का भारत से मोहभंग? 5 साल में 1,605 कंपनियों ने बंद किया कारोबार

    GIFT-IFSC Gujarat International Finance Tec-City – International Financial Services Centre
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleविदेशी कंपनियों का भारत से मोहभंग? 5 साल में 1,605 कंपनियों ने बंद किया कारोबार
    Next Article झारखंड: खनिज विधेयक के विरोध में चतरा में JMM की अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी, उत्खनन-ट्रांसपोर्ट बंद

    Related Posts

    क्राइम

    झारखंड: तिरुपति में चोरी हुए 2 करोड़ के मोबाइल साहेबगंज से बरामद, तीन गिरफ्तार

    August 14, 2026
    झारखंड

    झारखंड : नीट नामांकन में फर्जीवाड़े पर सरकार सख्त, फर्जी प्रमाण-पत्र मिला तो एडमिशन रद्द और FIR

    August 14, 2026
    झारखंड

    स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड पुलिस को बड़ा सम्मान, 9 अफसर-जवान पदक से होंगे सम्मानित

    August 14, 2026
    क्राइम

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव पार्ट-6: जेएसएससी में टीडीपीएल को रिश्वत देकर मिला था काम, अभय तिवारी और रामवीर सिंह ने स्वीकारा

    August 14, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: खनिज विधेयक के विरोध में चतरा में JMM की अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी, उत्खनन-ट्रांसपोर्ट बंद

    August 14, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    विदेशी कंपनियों का भारत से मोहभंग? 5 साल में 1,605 कंपनियों ने बंद किया कारोबार

    August 14, 2026
    Latest Posts

    झारखंड: तिरुपति में चोरी हुए 2 करोड़ के मोबाइल साहेबगंज से बरामद, तीन गिरफ्तार

    August 14, 2026

    झारखंड : नीट नामांकन में फर्जीवाड़े पर सरकार सख्त, फर्जी प्रमाण-पत्र मिला तो एडमिशन रद्द और FIR

    August 14, 2026

    स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड पुलिस को बड़ा सम्मान, 9 अफसर-जवान पदक से होंगे सम्मानित

    August 14, 2026

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव पार्ट-6: जेएसएससी में टीडीपीएल को रिश्वत देकर मिला था काम, अभय तिवारी और रामवीर सिंह ने स्वीकारा

    August 14, 2026

    झारखंड: खनिज विधेयक के विरोध में चतरा में JMM की अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी, उत्खनन-ट्रांसपोर्ट बंद

    August 14, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.