Ranchi : झारखंड के चर्चित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आरोपी उतम कुमार ने रांची सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत में पेशी के बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी उतम कुमार ने अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में सरेंडर किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि उतम कुमार को हाल ही में बीएड परीक्षा में शामिल होने के लिए अदालत से प्रोविजनल बेल मिली थी। इसी अनुमति के आधार पर वह बिहार के नालंदा स्थित पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी में परीक्षा देने गया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद उसने अदालत में पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
बीएड परीक्षा के लिए मिली थी अस्थायी राहत
सूत्रों के अनुसार, उतम कुमार को अदालत से केवल परीक्षा में शामिल होने के उद्देश्य से अस्थायी राहत दी गई थी। इस दौरान उसे तय शर्तों का पालन करना था। परीक्षा पूरी होने के बाद उसने कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर सरेंडर कर दिया। इसके बाद अदालत ने उसे फिर से न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
11 अप्रैल को तमाड़ में हुई थी बड़ी कार्रवाई
मालूम हो कि झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामला राज्य के सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में शामिल रहा है। बीते 11 अप्रैल को तमाड़ पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस ने रड़गांव इलाके में छापेमारी कर 166 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें बड़ी संख्या में परीक्षा अभ्यर्थी शामिल थे। पुलिस का दावा था कि मौके से अंतरराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े पांच एजेंटों को भी पकड़ा गया था। जांच में यह भी सामने आया था कि भर्ती परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और उत्तर याद कराने की तैयारी चल रही थी।
158 आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
इस मामले में अब तक बड़ी संख्या में आरोपियों को राहत मिल चुकी है। जानकारी के मुताबिक, पेपर लीक मामले में अब तक 158 आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है। हालांकि कुछ आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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