लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में दलितों के साथ होने वाले भेदभाव और अत्याचार को लेकर BJP और RSS की विचारधारा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आज देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है. एक तरफ भारत का संविधान और अंबेडकर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल की विचारधारा है, जबकि दूसरी तरफ BJP और RSS की विचारधारा है.
राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान में जो भी राजनीति हो रही है, वह इन दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से इस देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार और हिंसा होती रही है. संविधान लागू होने के बाद इस तरह के भेदभाव और अत्याचार को गैरकानूनी बनाया गया, लेकिन इसके बावजूद समाज में भेदभाव की घटनाएं आज भी देखने को मिलती हैं.
स्कूलों में दलित बच्चों से सफाई
राहुल गांधी ने कहा कि आज भी कई जगहों पर दलित बच्चों से स्कूलों में टॉयलेट साफ कराया जाता है और उनसे झाड़ू-पोछा करवाया जाता है. उन्होंने कहा कि इसका बच्चों के मन पर गहरा असर पड़ता है.
उन्होंने कहा कि जब एक बच्चा देखता है कि कुछ बच्चे झाड़ू लगा रहे हैं और दूसरे बच्चे ऐसा नहीं कर रहे हैं, तो उसके मन में समाज और जाति को लेकर अलग-अलग संदेश जाता है. राहुल गांधी ने इसे देश की वास्तविकता बताया.
गांवों में पानी पीने को लेकर भेदभाव
राहुल गांधी ने कहा कि आज भी कई जगहों पर दलितों को सार्वजनिक कुओं से पानी पीने की अनुमति नहीं दी जाती. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में दलित समुदाय के लोगों को अपना अलग व्यक्तिगत कुआं तक खोदना पड़ता है.
उन्होंने चाय की दुकानों पर भी जातिगत भेदभाव होने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने कहा कि कुछ जगहों पर दलितों को अलग कप में चाय दी जाती है. उनके मुताबिक, दलितों के लिए डिस्पोजेबल पेपर या प्लास्टिक कप का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि दूसरे लोगों को कांच के ऐसे कप में चाय दी जाती है जिन्हें धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है.
घोड़े पर चढ़कर बारात निकालने हिंसा
राहुल गांधी ने दलित दूल्हों के घोड़े पर चढ़कर बारात निकालने के दौरान होने वाली हिंसा का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि शादी और बारात खुशी का दिन होना चाहिए, लेकिन देश में कई दलित दूल्हों को घोड़े पर चढ़ने के कारण हिंसा और धमकियों का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि कई मामलों में दलित दूल्हों को सुरक्षा के लिए हेलमेट तक पहनना पड़ता है. उन पर पत्थर फेंके जाते हैं, धमकाया जाता है और मारपीट की जाती है.
यह हिंदुस्तान की रियालिटी है
राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ किसी एक इलाके की समस्या नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों के साथ-साथ देश के गांवों और शहरों में भी इस तरह की घटनाएं और सामाजिक भेदभाव देखने को मिलते हैं.
उन्होंने कहा कि दलितों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा की इस रियालिटी को समझना होगा और संविधान में दिए गए समानता और न्याय के सिद्धांतों को जमीन पर लागू करना होगा.



