रांची. JPSC-JSSC में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच देवेंद्र गुट ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार की मांग की है. गुट ने अपनी मांगों को तीन स्तरों में बांटते हुए तात्कालिक, तीन माह के भीतर पूरी की जाने वाली और दीर्घकालिक मांगें रखी हैं.
तात्कालिक मांगें
तात्कालिक मांगों में 14वीं JPSC, 2023 JPSC, 2025 JPSC, FRO, ACF, असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसीक्यूटर और JET 2026 समेत कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग शामिल है.
तीन माह के भीतर
तीन माह के भीतर पूरी करने वाली मांगों में न्यायालय में लंबित JPSC-JSSC मामलों का निस्तारण, भर्ती नियमों को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाना तथा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में सुधार शामिल है. इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय करने की मांग की गई है.
अन्य मांगे
ज्ञापन में प्रत्येक भर्ती परीक्षा की OMR शीट, स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी और कटऑफ सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है. परीक्षा आयोजन के लिए TCS जैसी पेशेवर संस्थाओं की सेवाएं लेने का सुझाव दिया गया है.
देवेंद्र गुट ने सचिव सुधीर गुप्ता के कार्यकाल में आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच, एक माह के भीतर लंबित भर्तियों को सुनिश्चित करने, अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष करने तथा पुलिस संबंधी परीक्षाओं के लिए निर्धारित समय तय करने की मांग की है. इंटरमीडिएट स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी समय-सीमा अनिवार्य करने की मांग रखी गई है.
अन्य मांगों में नियमित बहाली, झारखंड सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम लागू करना, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना और नई शिक्षा नीति का पालन सुनिश्चित करना शामिल है. इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में समीक्षा एवं पारदर्शिता बढ़ाने, JET में लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस को शामिल करने तथा झारखंड में पुस्तकालय विज्ञान को बढ़ावा देने की मांग की गई है.

देवेंद्र गुट ने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हित में आवश्यक कदम उठाने की अपील की है.
Also Read : आधी रात ऋषभ पंत ने उत्तराखंड CM से लगाई गुहार, बोले- ‘जमीन दिलाने में मेरी मदद करें’



