Garhwa : बोकारो और हजारीबाग पुलिस विभाग में वेतन मद से करोड़ों की अवैध निकासी के मामले के बाद झारखंड सरकार सतर्क हो गई है। इसी क्रम में गढ़वा जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए वेतन भुगतान और ट्रेजरी मैनेजमेंट को लेकर नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। DC अनन्य मित्तल के निर्देश पर डीडीसी पशुपतिनाथ मिश्रा ने समाहरणालय में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में साफ कहा कि अब किसी भी कर्मी का वेतन जारी करने से पहले कड़े वेरिफिकेशन नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
वेतन भुगतान में लागू हुए 5 नए सख्त नियम
प्रशिक्षण के दौरान निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब वेतन प्रक्रिया पहले जैसी नहीं चलेगी। नए नियमों में मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं-
- सर्विस बुक से मिलान अनिवार्य: नाम, पद, जन्मतिथि और नियुक्ति विवरण का मिलान मूल रिकॉर्ड से जरूरी
- बैंक विवरण का भौतिक सत्यापन: पासबुक या कैंसल चेक से बैंक खाता और IFSC कोड की जांच
- डिजिटल एम्पलॉयी प्रोफाइल फ्रीज: प्रोफाइल अपडेट कर उसे लॉक किया जाएगा, बदलाव सिर्फ विशेष अनुमति से
- KYC अपडेट जरूरी: पैन, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को अपडेट रखना अनिवार्य
- OTP गोपनीयता नियम: किसी भी हालत में OTP साझा नहीं किया जा सकेगा
तीन साल से एक ही जगह जमे क्लर्कों पर कार्रवाई
वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। पिछले तीन वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत बिलिंग क्लर्कों का स्थानांतरण या कार्य परिवर्तन किया जाएगा। जिन कार्यालयों में केवल एक ही क्लर्क है, वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोषागार पदाधिकारी प्रशांत मिंज ने बताया कि अब हर DDO को यह प्रमाण देना होगा कि संबंधित कर्मचारी की पूरी जांच हो चुकी है। बिना इस प्रमाण के ट्रेजरी से कोई भुगतान जारी नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर
डीडीसी ने कहा कि जैसे व्यक्ति अपने निजी पैसे खर्च करते समय सावधानी बरतता है, वैसे ही सरकारी धन के उपयोग में भी पूरी पारदर्शिता जरूरी है। नियमों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर गढ़वा एसडीएम संजय कुमार, श्री बंशीधर नगर एसडीओ प्रभाकर मिर्धा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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