Ranchi : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में परीक्षाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
हाल ही में आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा में कई बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। बोकारो और रांची के एक-एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र समय पर नहीं पहुंच सका, जिसके कारण वहां परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इसके अलावा अंग्रेजी विषय के पेपर में एक ही पैसेज से एक ही सवाल दो बार पूछा गया, वहीं एक प्रश्न में विकल्प ही गायब था। मरांडी ने कहा कि हर परीक्षा में नई-नई गड़बड़ियां सामने आना अब एक चिंताजनक प्रवृत्ति बन चुकी है, जिससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। JPSC द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा में सामने आई गंभीर खामियों ने पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बोकारो और रांची के एक-एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र तक नहीं पहुंच पाए, जिसके…
— Babulal Marandi (@yourBabulal) April 27, 2026
CM से कार्रवाई की मांग, बोले—‘नकारा चेयरमैन को हटाएं, अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो’
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अयोग्य और नकारा JPSC चेयरमैन को तुरंत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बेईमान लोगों ने JPSC को “लूट का अड्डा” बना दिया है, जहां परीक्षा संचालन से लेकर ठेके और नियुक्तियों तक में गड़बड़ियां हो रही हैं। मरांडी ने कहा कि जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल हो रहे हैं, उन्हें जवाबदेह बनाया जाना जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के सपनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ न हो, इसके लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
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