Ranchi : राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर में सोमवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब दो पक्ष आपस में भिड़ गए। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और माहौल काफी देर तक गरम रहा। बताया जा रहा है कि विवाद झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा गठित नई प्रबंध समिति को लेकर शुरू हुआ। इस दौरान जमकर बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई।
सीएम के खिलाफ नारेबाजी का आरोप
नई प्रबंध समिति के सचिव राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया है कि दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि मंदिर आस्था का केंद्र है और यहां इस तरह के नारे लगाना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि मंदिर की गरिमा के भी खिलाफ है। राकेश सिन्हा ने कहा कि “यह बाबा का दरबार है, यहां राजनीति या इस तरह के नारे लगाने की कोई जगह नहीं है। जिन्होंने ऐसा किया है, उन्हें इसका जवाब देना होगा।”
रांची के पहाड़ी मंदिर में बवाल 🔥
दो पक्षों में झड़प, सीएम के खिलाफ नारेबाजी पर विवाद
मंदिर के रजिस्टर और दस्तावेज ले जाने का मंदिर समिति के सचिव राकेश सिन्हा ने लगाया आरोप
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दस्तावेज और रजिस्टर ले जाने का आरोप
सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मंदिर परिसर के कार्यालय से महत्वपूर्ण दस्तावेज, रजिस्टर और चेकबुक जबरन उठा लिए। उन्होंने कहा कि मंदिर के खाते का पूरा हिसाब-किताब मौजूद है और एक-एक पैसे का रिकॉर्ड रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और संबंधित वीडियो भी पुलिस को सौंपा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी वित्तीय जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
कोर्ट के आदेश का हवाला
राकेश सिन्हा ने कहा कि मंदिर प्रबंधन समिति का गठन न्यायालय के निर्देश के तहत हुआ है। उन्होंने कहा कि झारखंड धार्मिक न्यास बोर्ड को मंदिर समिति बनाने का अधिकार कोर्ट के आदेश में स्पष्ट रूप से दिया गया है।
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