मुस्कान चौधरी
दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को बड़ी राहत देते हुए उसके X (पहले ट्विटर) अकाउंट को बहाल करने का आदेश दिया है. अदालत ने केंद्र सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत अकाउंट ब्लॉक किया गया था. कोर्ट ने साफ कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी पर किसी भी तरह की रोक कानून के तय मानकों पर परखी जानी चाहिए.
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि NEET परीक्षा से जुड़े माहौल को देखते हुए यह कदम उठाया गया था. उनका कहना था कि दोबारा परीक्षा से पहले किसी भी तरह की अफवाह, भ्रम या अराजकता फैलने से रोकने के लिए अकाउंट ब्लॉक किया गया था.
हालांकि कोर्ट ने माना कि NEET को लेकर केंद्र की जो मुख्य चिंता थी, वह अब प्रासंगिक नहीं रह गई है. इसी आधार पर अदालत ने ब्लॉक करने का आदेश रद्द कर दिया और अकाउंट बहाल करने के निर्देश दिए.
18 दिनों से जारी है प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 18 दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. संगठन की मांग है कि NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें.
इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं. उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मंगलवार को दसवें दिन में पहुंच गई. बताया जा रहा है कि उपवास शुरू होने के बाद उनका वजन करीब 6.9 किलोग्राम कम हो चुका है. आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है.
बीते कुछ दिनों में “कॉकरोच जनता पार्टी” का नाम सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है. इसी के साथ यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या यह संगठन भविष्य में राजनीतिक दल के रूप में सामने आएगा.
हालांकि संगठन के संस्थापक ने फिलहाल ऐसी किसी घोषणा से इनकार किया है. उनका कहना है कि अभी CJP युवाओं का एक दबाव समूह है, जिसका मकसद ऑनलाइन और जमीनी स्तर पर लोगों के मुद्दे उठाना है. फिर भी उन्होंने भविष्य में राजनीतिक दल बनने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया.
क्या ‘कॉकरोच’ बन सकता है चुनाव चिह्न?
संगठन को लेकर एक और सवाल चर्चा में है कि अगर भविष्य में कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव आयोग में राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण कराती है, तो क्या उसे “कॉकरोच” चुनाव चिह्न मिल सकता है?
चुनाव चिह्न देने का अधिकार चुनाव आयोग के पास होता है. किसी भी नए दल को पंजीकरण के बाद चुनाव चिह्न से जुड़े नियमों और उपलब्धता के आधार पर प्रतीक दिया जाता है. इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि CJP को “कॉकरोच” चुनाव चिह्न मिलेगा या नहीं.
फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद CJP का X अकाउंट बहाल होगा. वहीं, संगठन का आंदोलन भी जारी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे यह आंदोलन किस दिशा में जाता है और क्या कॉकरोच जनता पार्टी भविष्य में सिर्फ एक अभियान रहेगी या फिर राजनीति में भी कदम रखेगी.
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