मुस्कान चौधरी
झारखंड के गढ़वा जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. आरोप है कि बैंक की लापरवाही की वजह से एक बुजुर्ग की जान चली गई. परिजनों का कहना है कि ई-केवाईसी नहीं होने के कारण कई महीनों से पेंशन का पैसा नहीं मिल रहा था. पैसे के अभाव में समय पर इलाज नहीं हो सका और आखिरकार बुजुर्ग रतन लकड़ा की मौत हो गई.
मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को बैंक परिसर में रखकर धरना शुरू कर दिया. उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे. परिजनों के मुताबिक रतन लकड़ा के बैंक खाते में पेंशन की राशि मौजूद थी, लेकिन ई-केवाईसी पूरी नहीं होने का हवाला देकर बैंक से पैसा नहीं दिया गया. कई बार बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ती गई और इलाज के लिए पैसे नहीं मिलने से उनकी मौत हो गई.
सोशल मीडिया पर उठी न्याय की मांग
इस मामले को पत्रकार मुकेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उठाया. उन्होंने लिखा कि बैंक में अपना ही पैसा जमा होने के बावजूद सिस्टम की लापरवाही ने एक बुजुर्ग की जान ले ली. उन्होंने मुख्यमंत्री और भारतीय रिजर्व बैंक को टैग करते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की. मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा- “उक्त मामले की शीघ्र जांच कर कड़ी कार्रवाई करते हुए सूचित करें.”
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब प्रशासन और संबंधित विभाग पर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है. रतन लकड़ा के परिजनों का कहना है कि अगर समय पर पेंशन का पैसा मिल जाता तो इलाज कराया जा सकता था और शायद उनकी जान बच जाती। उनका आरोप है कि बैंक और सिस्टम की लापरवाही ने परिवार से उनका सहारा छीन लिया. अब वे दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. यह घटना एक बार फिर सरकारी योजनाओं, बैंकिंग व्यवस्था और ई-केवाईसी जैसी प्रक्रियाओं के बीच आम लोगों को होने वाली परेशानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

