रांची : एसएससी सीजीएल पेपरलीक केस में एसआईटी को शुक्रवार को एक और बड़ी सफलता मिली है. एसआईटी ने मामले में चार और लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह के रूप में हुई है. एसआईटी के मुताबिक, गिरफ्तार सभी आरोपी वेबल कंपनी के संपर्क में थे. फिलहाल सभी से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है. जानकारी के मुताबिक, दीपक कुमार, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह को धनबाद से, जबकि उमेश कुमार राय को बोकारो से गिरफ्तार किया गया है. मामले में एसआईटी की जांच जारी है.
मालूम हो कि इस मामले में एसआईटी ने गुरुवार को बेवल कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि सोमांश प्रकाश व उसके सहयोगी राहुल कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. कोलकाता की कंपनी बेवल को सीजीएल परीक्षा के संचालन का काम मिला था. इस दौरान बेवल के लिए स्थानीय प्रतिनिधि के तौर पर सारा कामकाज सोमांश प्रकाश के द्वारा देखा जाता था. सोमांश स्वयं मां चामुंडेश्वरी नाम की कंपनी का संचालन करता है. सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक के केस में सीआईडी लगातार टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर व सीजीएल से बहाल हुए अभय तिवारी से लगातार पूछताछ कर रही है. एसआईटी को पूछताछ में अभय तिवारी ने टीडीपीएल से जुड़े मिथलेश सिंह, उमाशंकर प्रमाणिक की मिलीभगत से पेपर लीक किए जाने की बात स्वीकार की थी. उसने बताया था कि दर्जनों अभ्यर्थियों को बोकारो ले जाकर प्रश्नोत्तर रटवाए गए थे. अभय के अलावे इस केस में उसकी पत्नी सुषमा तिवारी व भाई अक्षय तिवारी की गिरफ्तारी हो चुकी है. पहली बार सीआईडी ने बेवल से जुड़े लोगों की केस में गिरफ्तारी की है. गुरुवार को गिरफ्तारी के बाद सीआईडी ने देरशाम तक सोमांश प्रकाश व राहुल से पूछताछ भी की.
5 दिनों की रिमांड पर लिया गया सोमांश व राहुल को
एसआईटी द्वारा गिरफ्तार सोमांश और राहुल को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद पांच दिनों की रिमांड पर लिया गया. इस दौरान एसआईटी दोनों से वेबल कंपनी की संलिप्तता को लेकर जानकारी एकत्रित करेगी. इसके अलावा यह भी जानकारी एकत्रित करने का प्रयास कर रही है कि वेबल कंपनी द्वारा किन-किन लोगों से संपर्क किया गया था.
दोनों को एसआईटी ने दिल्ली से दबोचा
सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार की गिरफ्तारी सीआईडी ने दिल्ली से की है. सोमांश दिल्ली के बुरारी के संत नगर के पर्वतीय अंचल का रहने वाला है. जबकि उसका सहयोगी राहुल उसी का रूममेट रहा है. जानकारी के मुताबिक, सीजीएल परीक्षा में बेवल एजेंसी की भूमिका की जांच के क्रम में यह बात सामने आयी थी कि कंपनी ने अपना काम मां चामुंडेश्वरी को सबलेट कर दिया था. इसके बाद परीक्षा के आयोजन में सोमांश प्रकाश की अहम भूमिका रही थी.
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