Ghaziabad/Ranchi : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पकड़े गए पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क के तीन संदिग्धों से पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। रविवार को हुई गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां लगातार उनसे पूछताछ कर रही हैं, जिसमें देश के कई संवेदनशील ठिकानों को लेकर बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है।
देवघर मंदिर भी था निशाने पर
पूछताछ में पता चला कि देवघर का प्रसिद्ध मंदिर भी इनके टारगेट पर था। बिहार के रहने वाले नौशाद को मंदिर का वीडियो और GPS लोकेशन जुटाने का काम दिया गया था। यह काम वह पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर के इशारे पर कर रहा था।
नौशाद था नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी
जांच में सामने आया कि नौशाद, पहले पकड़े गए सुहेल मलिक की तरह ही गैंग का अहम हैंडलर था। वह पाकिस्तान के सरफराज नाम के आक़ा के निर्देश पर काम करता था और अपने साथियों से देश के संवेदनशील स्थानों की फोटो, वीडियो और लोकेशन इकट्ठा कराकर भेजता था। उसे दिल्ली कैंट इलाके में घुसकर वहां की गतिविधियों की रेकी करने का भी टास्क मिला था। इतना ही नहीं, उसने एक बड़े उद्योगपति के घर की निगरानी करने की बात भी कबूल की है।
सोशल मीडिया से जुड़ा था पूरा नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ऑपरेट हो रहा था।नौशाद पहले भी सुरक्षाबलों के ठिकानों, रेलवे स्टेशनों और कई महत्वपूर्ण जगहों की रेकी कर चुका था।
- एक खास ऐप डाउनलोड कराया गया था
- उसी ऐप के जरिए डेटा पाकिस्तान भेजा जाता था
- ट्रेनिंग खुद पाकिस्तानी हैंडलर सरफराज देता था
सोशल मीडिया के जरिए ही नौशाद की पहचान ‘मीरा’ नाम की महिला से हुई, जो पहले से इस नेटवर्क का हिस्सा थी।
सुहेल, नौशाद और समीर चला रहे थे गैंग
पूछताछ में यह भी सामने आया कि सुहेल मलिक, नौशाद अली और समीर तीनों मिलकर पूरे नेटवर्क को संभाल रहे थे। ये अलग-अलग इलाकों में एक्टिव थे और देश के संवेदनशील ठिकानों की जानकारी जुटा रहे थे। मीरा का कनेक्शन अवैध हथियार तस्करी से भी जुड़ा बताया जा रहा है। साल 2025 में दिल्ली पुलिस ने उसे छह अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया था। उसके फोन में 100 से ज्यादा लोकेशन के वीडियो और फोटो मिले थे।
गुरुग्राम कनेक्शन भी आया सामने
जांच के दौरान पुलिस ने नौशाद की प्रेमिका से भी पूछताछ की है, जो गुरुग्राम में रहती है। यह भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है कि नेटवर्क किस तरह लोगों को जोड़ रहा था।
अब हवाला नेटवर्क पर शिकंजा
जासूसी नेटवर्क का खुलासा होने के बाद अब पुलिस हवाला चैनल को तोड़ने में जुट गई है। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान से पैसे हवाला के जरिए पंजाब रूट से भेजे जाते थे।
- पैसे दुकानदारों, करीबियों और मनी ट्रांसफर सेंटरों के खातों में आते थे
- फिर इन्हें नकद में निकाल लिया जाता था
अब पुलिस उन सभी खातों और लोगों की पहचान कर रही है, जिनके जरिए यह पैसा ट्रांसफर हुआ। खातों की जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
क्या है आगे की जांच का फोकस
फिलहाल जांच एजेंसियों का फोकस तीन चीजों पर है:
- पूरे जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश
- जुड़े हुए लोगों की पहचान
- हवाला फंडिंग चैनल को खत्म करना
इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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