Bokaro/Ranchi : बोकारो की 18 वर्षीय लापता युवती मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। करीब 9 महीने से लापता युवती को लेकर दाखिल हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कंकाल की पहचान पर सवाल
सुनवाई के दौरान प्रार्थी पक्ष के वकील विंसेट रोहित मार्की ने बरामद कंकाल को युवती का होने से साफ इनकार किया। उनका कहना था कि कंकाल की स्थिति देखकर यह 9 महीने पुराना नहीं, बल्कि 2 से 3 साल पुराना लगता है। साथ ही उन्होंने यह भी दलील दी कि जिस जगह कंकाल मिला है, वह सार्वजनिक क्षेत्र है, ऐसे में वह किसी और का भी हो सकता है।
DNA टेस्ट नहीं होने पर कोर्ट नाराज
अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या कंकाल का DNA टेस्ट कराया गया है और क्या युवती की मां रेखा देवी के सैंपल लिए गए हैं। जब जवाब मिला कि अब तक DNA जांच नहीं हुई है, तो कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और जांच में लापरवाही पर सवाल खड़े किए।
DGP से लेकर SIT तक को तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने डीजीपी, एफएसएल निदेशक, बोकारो एसपी और पूरी SIT टीम को अगले दिन सुबह 10:30 बजे अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि अब जांच में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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