Patna : बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन स्पीकर के पद के लिए प्रेम कुमार का निर्विरोध चुनाव संपन्न हुआ। निर्वाचित होते ही प्रेम कुमार ने सदन को संबोधित किया और संविधान तथा विधानसभा की परंपराओं का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने विधायकों से अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा में सभी राजनीतिक दलों और विधायकों का सम्मान किया जाएगा और चर्चा, बहस व प्रस्तावों के माध्यम से जनता की उम्मीदों के अनुरूप काम किया जाएगा।
स्पीकर ने डिप्टी स्पीकर के चुनाव पर भी अपडेट दी। प्रेम कुमार ने कहा कि यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्पीकर के अनुपस्थित रहने पर डिप्टी स्पीकर विधानसभा की कार्यवाही की निगरानी करते हैं और सभी विधायी कार्यों की निष्पक्ष देखरेख करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिप्टी स्पीकर पद के लिए नामांकन प्रक्रिया 3 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक पूरी होगी, जबकि चुनाव 4 दिसंबर को संपन्न होगा।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, जदयू किसी नेता का नाम डिप्टी स्पीकर पद के लिए प्रस्तावित कर सकता है, लेकिन अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जदयू इस बार सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए किसी संतुलित उम्मीदवार को इस पद के लिए आगे ला सकती है।
सत्र के दौरान यह भी देखा गया कि नए और पुराने दोनों प्रकार के विधायकों के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण है। स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के नेतृत्व में विधानसभा की कार्यवाही निष्पक्ष और सुव्यवस्थित होने की संभावना बढ़ जाती है। इससे यह संदेश भी जाता है कि सभी दल मिलकर बिहार के विकास और जनता की अपेक्षाओं के अनुसार काम करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रक्रिया से विधानसभा में सहयोग और लोकतांत्रिक मूल्य बढ़ेंगे। निर्विरोध चुनाव और डिप्टी स्पीकर के चुनाव की तैयारी यह संकेत देती है कि इस बार सदन का कामकाज बाधित नहीं होगा और सभी विधायकों को समान अवसर मिलेगा।
डिप्टी स्पीकर के चुनाव के बाद बिहार विधानसभा की कार्यवाही और भी स्पष्ट दिशा में आगे बढ़ेगी। सभी की निगाहें अब डिप्टी स्पीकर पद के चुनाव पर लगी हैं, जो विधानसभा की सुचारू संचालन और राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
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