Chaibasa : चाईबासा के टोंटो थाना क्षेत्र में मुर्गा को लेकर हुआ मामूली विवाद जानलेवा बन गया। सेरेंगसिया गांव के पदमपुर टोला निवासी 50 वर्षीय दामू सिंकू की मारपीट में मौत हो गई। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मुर्गा को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार दामू सिंकू का अपने भतीजे और पड़ोसियों के साथ मुर्गा को लेकर विवाद हुआ था। पहले यह विवाद कहासुनी तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों में झगड़ा शुरू हो गया।
कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से हमला
आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपितों ने मिलकर दामू सिंकू पर कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण दामू सिंकू वहीं गिर पड़े और काफी खून बहने लगा। ग्रामीणों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
अस्पताल ले जाने के बाद भी नहीं बची जान
परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल दामू सिंकू को पहले टोंटो स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उचित इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें रात करीब 10 बजे सदर अस्पताल, चाईबासा लाया गया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रांची रिम्स रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी और परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे घायल को रांची नहीं ले जा पाए। रात में इलाज के अभाव में दामू सिंकू की मौत हो गई।
परिजनों में कोहराम, गांव में आक्रोश
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर बेहतर इलाज और एंबुलेंस की सुविधा मिल जाती तो जान बच सकती थी।
भतीजे समेत पांच पर हत्या का मामला
मृतक के परिजनों ने टोंटो थाना में हत्या का मामला दर्ज कराया है। प्राथमिकी में भतीजे समेत परगना सिंकू, डोबरो सिंकू, किशनू सिंकू और पेलंग सिंकू को नामजद आरोपी बनाया गया है।
पुलिस कर रही छापेमारी
टोंटो थाना प्रभारी सुकुमार हेंब्रम ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। लोगों का कहना है कि गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस मामले में सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।


