Ranchi : झारखंड में कोयले का अवैध कारोबार कोई बड़ी बात नहीं है। रात के अंधेरे में यह खेल शुरु होता है और सुबह से पहले समाप्त। लेकिन, इनदिनों रामगढ़ जिला कोयले के अवैध कारोबार में काफी सुर्खियां बटौर रहा है। सूरज ढ़लने से पूर्व चोरी का कोयला महुआटांड के खाली प्लॉट पर एकत्रित होता है, इसके बाद रात के अंधेरे में चोरी के कोयले का प्लांट तक पहुंचाया जाता है। पूरा खेल रामगढ़ से लेकर राजधानी रांची तक चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन, रामगढ़ एसपी अजय कुमार और उनके पूरे सिस्टम को भनक तक नहीं लग पाया है। जी हां, रामगढ़ के कुछ कारोबारियों का कहना है कि सब कुछ मैनेज है, जिस कारण से यह कारोबार बंद नहीं हो रहा है।
कोयला के अवैध कारोबार में मुरारी का बड़ा खेल
रामगढ़ के एक कारोबारी का कहना है कि रात का पूरा खेल मुरारी नामक एक व्यक्ति संभालता है। इसका मजबूत पकड़ पुलिस विभाग में है। इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों का कहना है कि अगर मुरारी के बिना संपर्क कोयला का धंधा करने पर नुकसान ही होता है। मुरारी के बिना रामगढ़ में कोयला का कारोबार संभव नहीं है। बिना मिलीभगत काम करने पर गाड़ी को पकड़वाने की साजिश रच देता है।
आखिरकार किसका संरक्षण प्राप्त है मुरारी को
रामगढ़ में कोयला के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि मुरारी को ऊपर में किसी एक बड़े अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। उसकी मजबूत पकड़ के कारण कोई भी कोयला से जुड़ा कारोबारी अपने स्तर से कोयला सप्लाई नहीं कर पाता है। मुरारी के गुर्गें हर चौक-चौराहों पर रात के अंधेरे में पहरेदारी करते है। अगर, किसी भी स्थिति में उसके बोले रुट पर नहीं गए तो गाड़ी के पकड़ाने का डर बना रहता है।
कोयला चोरी से सरकार को राजस्व् का नुकसान
रामगढ़ में हर दिन कोयला के अवैध कारोबार से सरकार का ही दिन करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। राजस्व का नुकसान होने से सरकार के कई विकास कार्य पर भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, इस मामले में विभाग स्तर पर क्या कार्रवाई होगी, अब यह देखना दिलचस्प होगा।
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