Bokaro : झारखंड में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का सत्यापन अभियान चल रहा है। इसी बीच लाभुकों से पैसे वसूली की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। बोकारो में वायरल वीडियो में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी सेविका को चयनमुक्त कर दिया है। बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने चौफान उत्तरी आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका कुमारी सीमा को पद से हटाने का आदेश जारी किया है। बताया जा रहा है कि सत्यापन के दौरान लाभुकों से पैसे लेने का आरोप लगा था।
वायरल वीडियो के बाद हरकत में आया प्रशासन
22 मई को इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों से भौतिक सत्यापन के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। डीसी ने पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच के दौरान लाभुकों से पूछताछ की गई और आरोपों की जांच की गई।
जांच में सही पाए गए आरोप
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की कि सेविका द्वारा लाभुकों से रुपये वसूले गए थे। रिपोर्ट मिलने के बाद उपायुक्त ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कुमारी सीमा को चयनमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। डीसी अजय नाथ झा ने साफ कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी तरह की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या गरीब लाभुकों के शोषण को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिले में चल रहा लाभुकों का सत्यापन
बोकारो जिले में फिलहाल सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं और मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। प्रशासन एनएसएपी, सर्वजन पेंशन योजना और झारखंड मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों की जांच कर रहा है। सत्यापन के दौरान यह देखा जा रहा है कि लाभुक जीवित हैं या नहीं, कहीं वे दूसरी पेंशन योजना का लाभ तो नहीं ले रहे, सरकारी कर्मचारी तो नहीं हैं, दूसरे राज्य के निवासी तो नहीं हैं और उनकी उम्र 50 वर्ष पूरी हुई है या नहीं।
जिले में लाखों लोग ले रहे योजनाओं का लाभ
प्रशासन के अनुसार, बोकारो जिले में कुल 5 लाख 91 हजार 718 लाभुक विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। ऐसे में सत्यापन अभियान को काफी गंभीरता से चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बोकारो स्टील सिटी शहरी क्षेत्र में भी बिना पैसे लिए सत्यापन नहीं करने की शिकायतें सामने आई थीं। कार्रवाई के बाद कई लाभुकों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं में अगर वसूली होगी तो इसका सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा। लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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