Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»झारखंड में अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी, सरकार का कड़ा निर्देश
    झारखंड

    झारखंड में अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी, सरकार का कड़ा निर्देश

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyMarch 28, 2025No Comments3 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    स्कूलों
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : झारखंड के निजी स्कूलों के शुल्क निर्धारण को लेकर स्कूल और जिला स्तर पर कमेटी का गठन होगा. इस संबंध में स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने सभी आयुक्त व उपायुक्त को पत्र लिखा है. जिलों को भेजे गये पत्र में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम 2017 के आलोक में शुल्क समिति का गठन करने को कहा गया है. अधिनियम के प्रावधान के अनुरूप 15 दिनों के अंदर विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति व जिलास्तर पर जिला समिति का गठन करने को कहा गया है. इस संबंध में शिक्षा विभाग को भी जानकारी देने को कहा गया है.

    गठित कमेटी ही करेगी फीस बढ़ोतरी के कारणों पर विचार

    अधिनियम के प्रावधान के अनुरूप शुल्क निर्धारण को लेकर पहले विद्यालय स्तर पर गठित कमेटी के समक्ष इसका प्रस्ताव रखना होता है. कमेटी फीस वृद्धि के विभिन्न कारणों पर विचार करेगी. इसमें विद्यालय में गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधा, प्रशासन और रख-रखाव पर होने वाले खर्च, शिक्षक और कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन, वार्षिक वेतन वृद्धि, विद्यालय की कुल आय में से विद्यार्थियों पर होनेवाला खर्च, शिक्षा के विकास और विद्यालय के विस्तार के लिए आवश्यक राजस्व समेत अन्य आवश्यक कारक को ध्यान में रखने का प्रावधान अधिनियम में है. समिति प्रस्तावित शुल्क की संरचना प्राप्त होने के 30 दिन के अंदर फीस की मंजूरी देगी.

    विद्यालय की कमेटी में अभिभावक और शिक्षक रहेंगे

    विद्यालय स्तर पर शुल्क निर्धारण के लिए गठित कमेटी में बच्चों के अभिभावक के साथ शिक्षक भी शामिल होंगे. प्रावधान के अनुरूप निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा मनोनीत प्रतिनिधि कमेटी के अध्यक्ष होंगे. विद्यालय के प्राचार्य, सचिव, विद्यालय प्रबंधन द्वारा मनोनीत तीन शिक्षक व शिक्षक संघ द्वारा नामित चार माता-पिता इसके सदस्य होंगे. विद्यालय प्रबंधन को फीस निर्धारण के एजेंडा और बैठक की जानकारी एक सप्ताह पहले देना होगा. विद्यालय समिति अगर तय समय में शुल्क निर्धारण में विफल रहता है तो प्रबंधन यह प्रस्ताव जिलास्तरीय कमेटी के समक्ष रखेगा. विद्यालय में अगर पिछले वर्ष की तुलना में 10 फीसदी से अधिक फीस बढ़ोतरी की जाती है, तो भी इसको जिला कमेटी को भेजा जायेगा.

    जिलास्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित होगी कमेटी

    जिलास्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी. कमेटी में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, निजी विद्यालय के दो प्राचार्य, संबंधित क्षेत्र के सांसद और विधायक, दो अभिभावक और एक चार्टर्ड एकाउंटेंट शामिल होंगे. विद्यालय अगर जिलास्तरीय कमेटी के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष इसके खिलाफ अपील कर सकते हैं.

    Also Read : झारखंड वासियों को फिलहाल नहीं मिलेगी गर्मी से रहत

    Act 2017 Commissioners committee formation Deputy Commissioners district committee Fee Committee Formation Fee Determination jharkhand Jharkhand Education Tribunal literacy department Private Schools School Committee school education Umashankar Singh अधिनियम 2017 आयुक्त उपायुक्त उमाशंकर सिंह कमेटी गठन जिला समिति झारखंड झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण निजी स्कूल शुल्क निर्धारण शुल्क समिति गठन साक्षरता विभाग स्कूल समिति स्कूली शिक्षा
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleझारखंड वासियों को फिलहाल नहीं मिलेगी गर्मी से रहत
    Next Article त्योहार को लेकर अलर्ड मोड पर झारखंड पुलिस, 4533 अतिरिक्त जवानों की होगी तैनाती

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    Johar Live Exclusive झारखंडः हॉल में सोती हैं छात्राएं, खरीद कर पीते हैं पानी, कक्षाओं में सांप, क्या बंद हो जाएगा राज्य का इकलौता सरकारी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज?

    July 27, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    जेपीएससी घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को 28 जुलाई को पूछताछ के लिए सीआईडी का समन

    July 27, 2026
    क्राइम

    झारखंडः पांच महिलाओं सहित, 16 माओवादियों ने किया सरेंडर, देखें पूरी लिस्ट

    July 27, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    1939 से आज तक… कैसे भारत की सबसे बड़ी सुरक्षा ढाल बनी सीआरपीएफ

    July 27, 2026
    क्राइम

    झारखंड: JPSC घोटाला, ट्रांसफर होने के बावजूद श्वेता कुमारी करती थी परीक्षा नियंत्रक का काम

    July 27, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    कोकरॉच जनता पार्टी के बाद दिखा E20 जनता पार्टी, मांगा 100 प्रतिशत पेट्रोल

    July 26, 2026
    Latest Posts

    Johar Live Exclusive झारखंडः हॉल में सोती हैं छात्राएं, खरीद कर पीते हैं पानी, कक्षाओं में सांप, क्या बंद हो जाएगा राज्य का इकलौता सरकारी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज?

    July 27, 2026

    जेपीएससी घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को 28 जुलाई को पूछताछ के लिए सीआईडी का समन

    July 27, 2026

    क्या है चोंगप्रेंग और कौन हैं सदागर, जिनकी बात पीएम मोदी कर रहे हैं

    July 27, 2026

    झारखंडः पांच महिलाओं सहित, 16 माओवादियों ने किया सरेंडर, देखें पूरी लिस्ट

    July 27, 2026

    क्या बदला इस छात्र आंदोलन से?

    July 27, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.