Ranchi : रांची में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस बढ़ाने और री-एडमिशन के नाम पर वसूली की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय जांच और निर्णय समिति बनाई गई है, जो पूरे मामले की निगरानी करेगी और दोषी स्कूलों पर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
जुर्माना से लेकर मान्यता रद्द तक की चेतावनी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वाले स्कूलों को अब बख्शा नहीं जाएगा। दोषी पाए जाने पर 50 हजार से लेकर 2.5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
किताब, ड्रेस खरीदने के लिए दबाव नहीं
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी निजी स्कूल बच्चों या अभिभावकों को अपने परिसर से किताब, यूनिफॉर्म या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। किसी खास दुकान से खरीदारी के लिए दबाव बनाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
हर साल उठता है मुद्दा, कार्रवाई पर सवाल
दरअसल, हर साल एडमिशन के समय फीस बढ़ोतरी और री-एडमिशन शुल्क को लेकर शिकायतें सामने आती हैं। अभिभावकों का कहना है कि हर बार समिति बनती है, लेकिन कार्रवाई जमीन पर नजर नहीं आती। इस वजह से इस बार भी लोगों को ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
समिति में कई अधिकारी और अभिभावक शामिल
नई जांच समिति में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और अभिभावक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। यह समिति शिकायतों की जांच कर तय समय में कार्रवाई करेगी।
अभिभावकों की बढ़ती परेशानी
अभिभावक संघ का कहना है कि कई परिवारों को बच्चों के एडमिशन के लिए कर्ज तक लेना पड़ता है। फीस और अन्य खर्चों का बोझ इतना बढ़ गया है कि आम परिवारों के लिए इसे संभालना मुश्किल हो रहा है।
डीसी का साफ संदेश
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा है कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायत मिलने पर जांच होगी और दोषी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन चुप, नजर प्रशासन पर
इस पूरे मामले पर फिलहाल कई निजी स्कूल प्रबंधन कुछ भी कहने से बच रहे हैं। अब सवाल यही है कि क्या इस बार प्रशासन की सख्ती सच में बदलाव लाएगी या फिर यह मामला भी हर साल की तरह ठंडा पड़ जाएगा।
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