Giridih (Naresh Goswami) : गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ 154 बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पारसनाथ पहाड़ की तराई इलाके में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। माना जा रहा है कि ये वही हथियार हैं, जिन्हें साल 2004 में पचम्बा गोशाला मेला के दौरान होमगार्ड कैंप से नक्सलियों ने लूट लिया था। इस पूरे मामले की जानकारी गिरिडीह के पुलिस कप्तान डॉ. बिमल कुमार ने पपरवाटांड़ पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर दी।
जमीन में गाड़कर छिपाए गए थे हथियार
खुखरा थाना क्षेत्र से सटे पारसनाथ पहाड़ी के भालकी पहाड़ी और कैनेडीह इलाके में पुलिस और सीआरपीएफ ने सघन तलाशी अभियान चलाया। सर्च के दौरान सुरक्षाबलों को शक हुआ और जब जमीन खोदकर देखा गया तो अंदर से हथियारों का जखीरा मिला। नक्सलियों ने इन हथियारों को गड्ढा खोदकर जमीन के अंदर छिपा रखा था, ताकि लंबे समय तक किसी को भनक न लगे।

क्या-क्या बरामद हुआ
संयुक्त अभियान में कुल 20 राइफल और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इनमें 303 बोर की 11 सिंगल शॉट राइफल, 22 बोर की 9 राइफल, 6 हैंड ग्रेनेड, 1 ग्रेनेड प्रोजेक्टर, 1 एम्युनेशन बॉक्स, 30 चार्जर क्लिप, इलेक्ट्रिक कॉपर वायर के 2 बंडल, सभी हथियारों और विस्फोटकों को विधिसम्मत तरीके से जब्त कर लिया गया है।
2004 की घटना से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस का अनुमान है कि ये वही हथियार हैं, जिन्हें वर्ष 2004 में गिरिडीह के पचम्बा गोशाला मेला के समय नक्सलियों ने होमगार्ड कैंप पर हमला कर लूट लिया था। उस समय कुल 20 राइफल और 6 हैंड ग्रेनेड लूटे गए थे। अब बरामदगी के बाद पुलिस पुराने केस से भी इस कड़ी को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
इलाके में बढ़ाई गई सतर्कता
बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में चौकसी बढ़ा दी है। आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस का कहना है कि नक्सल गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। इस कार्रवाई को सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से लूटे गए हथियारों की बरामदगी एक अहम उपलब्धि है।
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