Patna : छठ महापर्व को लेकर राजधानी पटना के दीघा घाट पर एक अनूठी पहल की जा रही है। बनारस के नमो घाट की तर्ज पर यहां 17 फीट ऊंची और 12 फीट चौड़ी एक छठ व्रती की आकृति बनाई जाएगी। यह आकृति पूरी तरह से कबाड़ (वेस्ट) सामग्री से तैयार की जाएगी और इसे वेस्ट टू वंडर स्कल्पचर के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस खास शिल्प का निर्माण बुडको (BUDCO) द्वारा कराया जा रहा है। मूर्ति में छठ पर्व की पारंपरिक भावनाओं को जीवंत किया जाएगा। दोनों हाथों में थामे सूप में धातु से बनाए गए फल, गन्ना और प्रसाद की अन्य सामग्री दिखाई देगी। यह मूर्ति सूर्य देव को अर्घ्य देने की पारंपरिक मुद्रा में होगी।
छठ से पहले होगा निर्माण कार्य पूरा
बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि यह मूर्ति सिर्फ एक कला का नमूना नहीं होगी, बल्कि इसमें गहरा सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक संदेश भी छिपा होगा। सूर्य की उपासना को समर्पित यह शिल्प ऊर्जा, जीवन और प्रकाश के प्रतीक के रूप में आम लोगों को जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व से पहले इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
कला, आस्था और पर्यावरण का संगम
बुडको एमडी ने बताया कि यह शिल्प बिहार की सांस्कृतिक पहचान और छठ महापर्व की महत्ता को दर्शाएगा। यह दीघा घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। साथ ही यह पटना की सुंदरता और कलात्मक पहचान को नई ऊंचाई देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह शिल्प समाज को एक सकारात्मक संदेश देगा—कि कला और संस्कृति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और जिम्मेदार जीवनशैली को भी अपनाया जा सकता है।
पटना को मिलेगा एक नया सौंदर्य प्रतीक
दीघा घाट पर बनने वाला यह वेस्ट टू वंडर स्कल्पचर पटना को एक नया सौंदर्य प्रतीक प्रदान करेगा। यह शहर के सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। छठ जैसे लोक आस्था के महापर्व को समर्पित यह पहल बिहार की परंपरा और आधुनिक सोच का सुंदर संगम मानी जा रही है।
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