जोहार लाइव ब्यूरो
भारत के नामी वकील हरीश साल्वे ने पूरे सीजेपी प्रोटेस्ट पर सवाल खड़ा कर दिया है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अमेरिका के इशारे पर बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में जिस तरह के अराजकता फैलाई गई, सरकारें गिराई गई, ठीक उसी तरह भारत में भी किया जा रहा है.
सोमवार 12 अक्टूबर को एक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ये प्रयास बाहर से फंडेड है. मैं तो ये आरोप खुल कर लगा रहा हूं. ये बाहर से मोटिवेटेड है. और ये बाहर के देश खासकर अमेरिका को देख लीजिये, बड़ा नाखुश है इंडिया से.
उस दिन हमारे फाइनेंस मिनिस्टर ने कह दिया कि सभी देशों के साथ डील हो रही है. कनाडा के साथ काफी एडवांस हो चुका है. अमेरिका के बारे में पूछा तो उन्होंन सीधा कह दिया कि रफ्तार धीमी है.
हरीश साल्वे ने कहा, अमेरिका को आदत पड़ गई है कि या तो हमारी बात सुनो, नहीं तो हम उपद्रव करेंगे. इसमें कोई शक है कि नेपाल में गड़बड़ी किसने कराई, बांग्लादेश में किसने की, श्रीलंका में किसने कराई. सब बाहर की ताकते करा रही हैं.
उन्होंने सवाल उठाया, कौन है ये दीपके, कौन है सौरभ दास, कौन है ये यूट्यूबर. उनका इशारा ध्रुव राठी की तरफ था. बाहर से आकर नेता बन गए हैं. इनको फंड कहां से मिल रहा है. ये सब करने के लिए प्रोटेस्ट में पैसा लगता है.
साल्वे ने कहा, ये एक कोशिश की जा रही है कि जो मोदी सरकार जो आज फोकस्ड है होर्मूज के मुद्दे को कैसे डील करें. भारत सरकार चाहती है कि बाहर के लोगों के सैटेलाइट को नहीं आने दे. अपनी सैटेलाइट को कैसे आगे बढ़ाएं. अपनी टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाएंगे. इसका विरोध करनेवाले लोग मोदी सरकार से परेशान हैं. बड़ा क्लियर पैटर्न दिख रहा है. ये लोग और ऐसी ताकतें निपट जाएंगे, इनकी सेल्फ लाइफ ज्यादा नहीं है.
कौन हैं हरीश साल्वे
हरीश साल्वे नवंबर 1999 से नवंबर 2002 तक भारत के सॉलिसिटर जनरल रहे. उस समय केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA सरकार थी. साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान हटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान साल्वे ने केंद्र सरकार के फैसले का बचाव किया था.
साल्वे ने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनी मामलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. इनमें कुलभूषण जाधव का मामला भी शामिल है, जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारत का पक्ष रखा था. वो संवैधानिक, कॉरपोरेट और अंतरराष्ट्रीय कानून के मामलों में अपने अनुभव के लिए जाने जाते हैं.
Also Read : एनआईए का बड़ा एक्शन : श्रीनगर में लश्कर के आतंकवादियों को पनाह देने वाले आरोपी की संपत्ति कुर्क

