जोहार लाइव ब्यूरो
रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल-2023 परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन और आरोपियों के बीच संपर्क से जुड़े अहम तथ्य सामने आने का दावा किया गया है. यह दावा सीआईडी की एसआईटी ने जांच के दौरान किया है. इस मामले में आरोपी मिथिलेश पांडेय पर आरोप है कि पेपर लीक नेटवर्क के प्रमुख आरोपी रामकिशोर सिंह उर्फ मिथिलेश सिंह से पैसे लिए थे. मिथिलेश पांडेय के बैंक खाते में चेक के जरिये रकम ट्रांसफर की गई थी. मिथिलेश पांडेय जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा, 2023 से जुड़ी कथित संगठित साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे. इस साजिश में रामकिशोर सिंह उर्फ मिथिलेश सिंह, अनिल कुमार सिंह, रितेश सिंह, उमेश राय और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की गई है. इसके अलावा भी सीआईडी की जांच में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आ चुकी है.
दुग्धा में लीक प्रश्न-उत्तर याद करने की व्यवस्था का आरोप
सीआईडी की जांच में सामने आया कि मिथिलेश पांडेय ने अपनी पत्नी पूजिता पांडेय और अन्य अभ्यर्थियों के लिए बोकारो के दुग्धा में एक स्थान पर कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नों और उनके उत्तरों की व्यवस्था कराई थी. आरोप है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराए गए, ताकि वे उन्हें याद कर परीक्षा में शामिल हो सकें.
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