Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»कोडरमा: 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति की मांग को लेकर बैनर पोस्टर लेकर रैली, मुख्यमंत्री सोरेन को उनके चुनावी वादे याद दिलाए
    झारखंड

    कोडरमा: 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति की मांग को लेकर बैनर पोस्टर लेकर रैली, मुख्यमंत्री सोरेन को उनके चुनावी वादे याद दिलाए

    Team JoharBy Team JoharMarch 12, 2022No Comments2 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    कोडरमा: झारखंड में 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करने और बाहरी भाषा की जगह स्थानीय भाषा को प्रमुखता दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन बड़ा रूप लेता जा रहा है. कोडरमा में भी इसे लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं. झारखंड भाषा संघर्ष समिति के बैनर तले चंदवारा प्रखंड के जामुखाडी गांव में सैकड़ों लोगों ने रैली निकाली और हाथों में बैनर पोस्टर लेकर 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की. प्रदर्शन के दौराने लोगों ने कहा कि 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू होने से झारखंड के मूल निवासियों को लाभ मिलेगा.

    लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके चुनावी वादे याद दिलाए और कहा कि 2 साल बीत गए हैं लेकिन स्थानीय नीति अब तक लागू नहीं किया जा सका है. लोगों ने कहा कि भोजपुरी और मगही से कोडरमा के लोगों का कोई वास्ता नहीं है. ऐसे में यहां जरूरत है स्थानीय भाषा खोरठा को लागू किए जाने की. 1932 का खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करने और भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा की जगह स्थानीय भाषा को लागू करने की पुरजोर मांग हो रही है, इसे लेकर सियासत भी होने लगी है.

    1932 का खतियान इतिहास से जुड़ा है. बिरसा मुंडा आंदोलन के बाद 1909 छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम बना, जिसे सीएनटी एक्ट (CNT Act) के नाम से भी जाना जाता है. इस एक्ट में मुंडारी खूंटकट्टीदार का प्रावधान किया गया, जिसके जरिए आदिवासी के जमीनों को बचाने की कोशिश की गई. इस एक्ट में प्रावधान था कि गैर आदिवासी, आदिवासियों की जमीन नहीं ले सकते हैं. यह खतियान आज भी यहां का संविधान है. हालांकि इसमें कुछ संसोधन भी हुए हैं. झारखंड के गठन के बाद से ही 1932 के खतियान का जिक्र होता आया है. जिसका सीधा तात्पर्य है कि वही लोग झारखंड के मूल निवासी हैं, जिनके पूर्वजों के नाम 1932 के खतियान में शामिल है.

    Jharkhand news
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleसीबीएसई ने दसवीं क्लास के पहले टर्म की परीक्षा का परिणाम जारी किया
    Next Article नरकोपी के रेलवे ट्रैक पर लाश बरामद, पोस्टमार्टम के लिए RIMS भेजा गया

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    JPSC घेराव के बाद कांग्रेस कार्यालय का भी घेराव करेगी भाजपा : आदित्य साहू

    July 22, 2026
    क्राइम

    IPS राकेश रंजन की रणनीति के आगे अपराधी फेल, गंभीर अपराधों में बड़ी कमी

    July 22, 2026
    क्राइम

    जिस शख्स पर पशु तस्करी के केस दर्ज, उसी के लिए डीजीपी कार्यालय से निकला सहयोग का पत्र

    July 22, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    जेपीएससी चेयरमैन ने दिया इस्तीफा, देर शाम पहुंची थी सीआईडी

    July 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    हेमंत कैबिनेट के बड़े फैसले: AI वर्चुअल क्लासरूम, हेलीकॉप्टर एंबुलेंस, नए कॉलेज और सड़कों समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

    July 21, 2026
    क्राइम

    बार में गैर इरादतन हत्या से अदालत तक: रांची पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने 14 महीने में पहुंचाया केस को अंजाम

    July 21, 2026
    Latest Posts

    असम में बाढ़ का कहर: 16 जिलों में 5.64 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 24 घंटे में 21 मौतें

    July 22, 2026

    JPSC घेराव के बाद कांग्रेस कार्यालय का भी घेराव करेगी भाजपा : आदित्य साहू

    July 22, 2026

    IPS राकेश रंजन की रणनीति के आगे अपराधी फेल, गंभीर अपराधों में बड़ी कमी

    July 22, 2026

    जिस शख्स पर पशु तस्करी के केस दर्ज, उसी के लिए डीजीपी कार्यालय से निकला सहयोग का पत्र

    July 22, 2026

    जेपीएससी चेयरमैन ने दिया इस्तीफा, देर शाम पहुंची थी सीआईडी

    July 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.