जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड के किसानों को धान की उपज का उचित मूल्य दिलाने और धान अधिप्राप्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने धान खरीद व्यवस्था में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव तैयार कराया है. इसके तहत किसानों की जमीन और फसल का सत्यापन किया जाएगा, जबकि दूसरे राज्यों के बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्ती की जाएगी.
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि किसानों की मेहनत का पूरा सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है. धान की खरीद में किसी भी तरह की गड़बड़ी और बिचौलियागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया कि किसानों की फसल का सही आकलन सुनिश्चित करने के लिए खेतों के सत्यापन का निर्देश दिया गया है, ताकि वास्तविक किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ मिल सके.
पंजीकरण और ई-केवाईसी होगा अनिवार्य
धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए किसानों का पंजीकरण और ई-केवाईसी अनिवार्य करने का प्रस्ताव है. किसानों की भूमि का सत्यापन अंचल कार्यालय के माध्यम से कराया जाएगा. इससे फर्जी पंजीकरण और खरीद व्यवस्था में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वजन, स्टैकिंग और लोडिंग वाले स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे. इन कैमरों को झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा. CCTV की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है.
धान के परिवहन में गड़बड़ी रोकने के लिए वाहनों में GPS/VLTS उपकरण लगाना अनिवार्य है. इसके जरिए अधिप्राप्ति केंद्रों से राइस मिलों तक धान और मिलरों से निर्धारित डिपो तक चावल पहुंचने की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी.
नया सुधार प्रस्ताव में पूर्व के वर्षों की बकाया राशि और लंबित वसूली वाले अधिप्राप्ति केंद्रों पर भी सख्ती की तैयारी है. वहीं, निगम के साथ विवाद रखने वाली राइस मिलों को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं. झारखंड के बाहर स्थित राइस मिलों को मिलिंग कार्य से नहीं जोड़ने का भी प्रस्ताव है.
खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में भारत सरकार के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कुल लक्ष्य का 25% उन्नत धान (Improved Rice) मिलरों से प्राप्त करने का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही QR Tagged बोरियों के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा.
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. धान खरीद से लेकर परिवहन, भंडारण और मिलिंग तक पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.
Also Read : दिव्यांग को उचित सुविधा देना सरकार का दायित्व, मामूली देरी पर नहीं रद्द हो सकती उम्मीदवारी : झारखंड हाईकोर्ट


