जोहार लाइव ब्यूरो
गम्हरिया थाने में गुरुवार रात घरेलू विवाद की शिकायत करने पहुंची महिला के साथ थाना परिसर में दुष्कर्म का आरोप लगा है. आरोप वायरलेस ऑपरेटर सिपाही नीरज लकड़ा पर है. पीड़िता के आवेदन पर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई और आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया. जांच महिला थाना की एसआई कुमारी तिलोमा कर रही हैं.
पीड़िता के मुताबिक 29 अक्टूबर की रात वह पति के साथ सब्जी खरीदने बाजार गई थी. लौटते समय कहासुनी हुई और शराब के नशे में पति ने मारपीट की. रात करीब 9:30 बजे बारिश के कारण एसिड प्लांट गेट के पास रुकी महिला मौका पाकर भाग निकली. एक स्थानीय महिला की मदद से उसने पुलिस को फोन किया. पीसीआर गाड़ी पहुंची और रात करीब 12 बजे महिला को लेकर थाने आई.
आरोप है कि अधिकारियों ने उसे बगल के कमरे में आराम करने को कहा. तभी सिपाही नीरज लकड़ा कमरे में पहुंचा और दुष्कर्म किया. पीड़िता के अनुसार शोर मचाने पर चार पुलिसकर्मी आए, पर बिना मदद किए लौट गए. बचाव में उसने फल काटने के लिए रखे चाकू से वार किया, जिससे आरोपी की उंगली कट गई. आरोपी के खून के धब्बे पीड़िता के कपड़ों पर भी मौजूद हैं.
अगले दिन सुबह एक अन्य पुलिसकर्मी ने उसे 700 रुपये देकर ऑटो में बैठाया और स्टेशन भेज दिया. आरोप है कि उसे धमकाया गया कि वह मायके चली जाए. गम्हरिया स्टेशन के पास पति से मुलाकात हुई तो वह घर लौट गई और पूरी घटना बताई. शुक्रवार को उसने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.
एसआईटी गठित, कमरा सील; X पर मरांडी और चंपाई का हमला
एसपी मनोज स्वर्गियारी ने सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में एसआईटी बनाई. एसडीपीओ शुक्रवार देर रात टीम के साथ थाने पहुंचे और घटनास्थल वाला कमरा सील करा दिया. एसपी के अनुसार थाना प्रभारी संजय प्रसाद, सब इंस्पेक्टर मनोज साहू व अनिरुद्ध सिंह, हवलदार मुनेश्वर कुमार और आरक्षी संतोष राय को कर्तव्य में चूक के आरोप में निलंबित किया गया है. आरोपी सिपाही भी निलंबित और गिरफ्तार है. पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है.
घटना पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने X पर लिखा कि थाना परिसर में महिला से दुष्कर्म की घटना “अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक” है. उन्होंने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी के कथित यौन शोषण का मामला याद दिलाते हुए पूछा कि “जेल में महिलाएं सुरक्षित नहीं, थाने में सुरक्षित नहीं, आखिर जाएं तो जाएं कहां?” मरांडी ने डीजीपी तदाशा मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वे महिला सुरक्षा के बजाय अन्य गतिविधियों में उलझी हैं. इस पर पुलिस मुख्यालय या सरकार की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है. उन्होंने सरायकेला एसपी से दोषी पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की. जेल मामले में हाईकोर्ट मई में स्वतः संज्ञान ले चुका है.
पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने X पर इसे “झारखंड के जंगलराज की सबसे घिनौनी तस्वीर” बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि आधी रात में बिना महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के फरियादी को थाने क्यों लाया गया. चंपाई ने लिखा कि मामला बढ़ने पर निलंबन हुआ, पर इससे क्या बदलेगा. उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही उन्होंने ऐसे पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त करने और वरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी. उनके अनुसार अब थाना जाने से पहले कोई भी फरियादी महिला शिकायत से ज्यादा अपनी सुरक्षा के बारे में सोचेगी. घटना के विरोध में जेएलकेएम के नेताओं ने भी थाने का घेराव किया.


