रांची. झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ और बदलती जनसांख्यिकी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में है. गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र बरहेट में मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस और झामुमो पर निशाना साधा है. उन्होंने इस मामले को बांग्लादेशी घुसपैठ, फर्जी दस्तावेजों और मतदाता सूची में कथित हेराफेरी से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. अब इस मामले में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने भी साहेबगंज के उपायुक्त को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है.
दरअसल, निशिकांत दुबे ने इससे पहले बरहेट प्रखंड में मतदाता सूची से जुड़ी कथित विसंगतियों पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि एक हिंदू महिला के पिता के रूप में नेजामुद्दीन का नाम दर्ज होने का मामला सामने आया है. उन्होंने सवाल किया था कि मतदाता सूची में ऐसी विसंगतियां कैसे हुईं, इसके पीछे किसकी लापरवाही है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. दुबे ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने तथा फर्जी दस्तावेजों या गलत तरीके से नाम दर्ज कराने की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी.
मिता देवी और फातिमा बीबी के एक ही आधार नंबर का मामला
अब मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से 30 अक्टूबर को जारी पत्र में इस मामले से जुड़े कुछ दस्तावेजों और शिकायतों का उल्लेख किया गया है. पत्र के अनुसार, बरहेट की फातिमा बीबी को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की ओर से नोटिस जारी कर सुनवाई की गई थी. इस दौरान संलग्न दस्तावेजों को लेकर शिकायत सामने आई.
शिकायत में दावा किया गया है कि मिता देवी, पति प्रीतम कुमार चंद्र और फातिमा बीबी, पिता/अभिभावक के रूप में नज्रुल अंसारी के पते से दर्ज विवरण के बावजूद, दोनों के आधार नंबर एक ही हैं. शिकायत के मुताबिक, सक्षम प्राधिकार से सत्यापन कराने पर दोनों की बायोमेट्रिक एंट्री भी एक ही पाई गई.
मामले में दूसरा सवाल वंशावली प्रमाण पत्र को लेकर उठाया गया है. बरहेट के अंचल अधिकारी की ओर से जारी वंशावली प्रमाण पत्र में फातिमा बीबी को मो. नेजामुद्दीन मोमिन की पुत्री बताया गया है. वहीं शिकायत में मिता देवी के पिता का नाम जालस रंजन दत्ता बताया गया है. ऐसे में शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि मिता देवी को किस आधार पर फातिमा बीबी और नेजामुद्दीन मोमिन की पुत्री के रूप में वंशावली में दर्ज किया गया.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र में संलग्न वंशावली को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने को कहा गया है.
निशिकांत दुबे का राहुल गांधी और हेमंत सोरेन पर हमला
निर्वाचन विभाग का पत्र सामने आने के बाद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाने पर लिया. उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि यह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बदनाम कर हटाने की विदेशी साजिश का हिस्सा है और इसके पीछे राहुल गांधी की भूमिका है.
दुबे ने दावा किया कि बरहेट में मिता देवी और फातिमा बीबी एक ही व्यक्ति हैं और वंशावली के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय नागरिक बनाने तथा मतदाता सूची में शामिल कराने का खेल हुआ. उन्होंने इस पूरे मामले को कांग्रेस और झामुमो को वोट दिलाने से भी जोड़ा.
भाजपा सांसद ने अपने बयान में सोरोस, नेवेल रायसिंघम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन गेमिंग के पैसों का जिक्र करते हुए देश तोड़ने के कथित आंदोलन का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाएगा.
साहेबगंज डीसी से जांच रिपोर्ट तलब
इस राजनीतिक विवाद के बीच मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने साहेबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त को पत्र लिखकर शिकायत में दिए गए सभी तथ्यों और संलग्न दस्तावेजों की समुचित जांच करने तथा आगे की कार्रवाई के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.


