जोहार लाइव ब्यूरो
एक ही मंच पर दो दिग्गज, एक शायर और एक कप्तान. जावेद अख्तर ने Gen-Z को ‘हमसे बेहतर’ बताकर सलाह देने से इनकार कर दिया. लेकिन महेंद्र सिंह धोनी ने उसी पल जो कहा, वो सोशल मीडिया पर तूफान बन गया.
कार्यक्रम में पूछा गया कि आज की युवा पीढ़ी मानसिक तनाव, भ्रम और दबाव में है, उन्हें क्या सलाह देंगे?
जावेद अख्तर ने मुस्कुराते हुए कहा, “ये पीढ़ी हमसे कहीं बेहतर है. नैतिक रूप से भी. हम स्वार्थी थे, सिद्धांत में उलझे हुए. ये पीढ़ी हमें सिखा रही है कि जिंदगी कैसे जीनी चाहिए. हम इन्हें क्या सलाह देंगे? उल्टा हमें इनसे सीखना चाहिए.”
धोनी ने माइक थामा और सीधा जवाब दिया:
“जावेद साहब ने सलाह नहीं दी, लेकिन मैं दूंगा. मुझे इनकी सेहत की चिंता है.
जब हम बड़े हो रहे थे, शरीर खुद-ब-खुद एक्टिव रहता था।. आज फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम हो गई है. कम से कम कोई खेल खेलो. अभी तो कुछ नहीं लगेगा, लेकिन तीस पार करने के बाद शरीर याद दिलाएगा.
फिटनेस कोई शौक नहीं, जीवनभर का निवेश है. खेल सिर्फ जीत के लिए नहीं खेला जाता. खेल से अनुशासन, हिम्मत और कैरेक्टर बनता है. खुद की देखभाल करो, ये मेरी विनती है.”
धोनी का ये सादा, ठोस और व्यावहारिक संदेश तेजी से वायरल हो गया. युवा इसे ‘थाला वाली सलाह’ कह रहे हैं. कई डॉक्टर और पैरेंट्स भी इसे शेयर कर रहे हैं. लोग लिख रहे हैं, “जावेद साहब भावनात्मक हो गए, धोनी ने असल समस्या पकड़ ली.”
धोनी की फिटनेस के पीछे क्या है राज?
धोनी का फिटनेस मंत्र कोई महंगी फैड डाइट नहीं है. धोनी सादे, घर के बने खाने और जंक से दूरी में भरोसा करते हैं, और दाल-चावल उनका सबसे पसंदीदा खाना है.
धोनी का डायट चार्ट-
सुबह का नाश्ता: कॉर्नफ्लेक्स या दलिया, फल और मेवे, एक गिलास दूध, साथ में होल व्हीट ब्रेड या परांठा.
दोपहर का खाना: रोटी के साथ दाल या चिकन/पनीर और मिक्स वेज सलाद. कभी-कभी रोटी की जगह चावल.
शाम: बीच-बीच में स्नैक्स से परहेज़. भूख लगे तो फल या एक गिलास दूध.
रात का खाना: रोटी, सब्जी और एक कटोरी फल.
दूध: धोनी बचपन से दूध के शौकीन रहे. 4-5 लीटर रोज़ पीने की अफवाह पर उन्होंने खुद साफ किया कि वे रोज़ करीब 1 लीटर दूध पीते हैं.
पानी: खूब पानी पीना भी उनकी आदत का हिस्सा है.
करियर की शुरुआत में बटर चिकन, नान, मिल्कशेक, चॉकलेट और सॉफ्ट ड्रिंक उनकी पसंद थे. धोनी के अपने शब्दों में, 28 की उम्र के बाद चॉकलेट और मिल्कशेक बंद हो गए, और टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के बाद हेल्दी खाना पूरी तरह आ गया. साथ ही डीप-फ्राइड चीज़ों को वे सख्ती से ना कहते हैं.
बच्चों के लिए धोनी वाला फॉर्मूला
- घर का खाना: दाल, रोटी, सब्जी, सलाद और दही को थाली का हिस्सा बनाइए.
- रोज़ दूध या दही: हड्डियों और ताकत के लिए रोज़ दूध या दही दीजिए.
- जंक को ना: कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, मिल्कशेक और तला-भुना कम से कम रखिए. खुद धोनी ने भी इन्हें छोड़ा.
- नाश्ता कभी न छूटे: दलिया, फल और दूध से दिन की शुरुआत कीजिए.
- रोज़ खेल: डायट के साथ एक्सरसाइज़ ज़रूरी है. WHO के मुताबिक बच्चों और किशोरों को हफ्ते भर औसतन रोज़ कम से कम 60 मिनट मध्यम से तेज़ गतिविधि करनी चाहिए. धोनी खुद क्रिकेट के साथ बैडमिंटन और फुटबॉल भी खेलते हैं.
ध्यान रहे, ये एक एथलीट वयस्क का रूटीन है. बच्चों में मात्रा उम्र, वजन और ज़रूरत के हिसाब से तय होनी चाहिए. इसके लिए बाल रोग विशेषज्ञ या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें.
आज जब युवा स्क्रीन, सोशल मीडिया और मानसिक दबाव में घिरे हैं, धोनी का संदेश साफ है: खुद को मत भूलो. शरीर को मत भूलो. खेलो. स्वस्थ रहो. बाकी चीजें खुद संभल जाएंगी.
थाला ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े नेता सिर्फ क्रिकेट नहीं, जिंदगी भी पढ़ते हैं.
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