जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दुमका और पलामू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों का विस्तार किया जाएगा. दोनों संस्थानों में सदर अस्पताल को शामिल करते हुए कुल 1,000-1,000 बिस्तरों की व्यवस्था करने की योजना है. इसके साथ ही MBBS की सीटें बढ़ाने और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों का विस्तार करने की तैयारी है. दुमका मेडिकल कॉलेज के विकास पर करीब 375 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
शुक्रवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के मेडिकल कॉलेजों की आधारभूत संरचना, अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार और मरीजों के आवागमन को आसान बनाने से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई.
दुमका में MBBS की सीटें 100 से बढ़कर होंगी 200, PG की 150 सीटों की योजना
बैठक में दुमका स्थित पीजे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास की विस्तृत योजना पर चर्चा हुई. करीब 100 एकड़ जमीन पर विकसित होने वाले इस संस्थान में मौजूदा 500 बिस्तरों के साथ सदर अस्पताल को शामिल कर कुल 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है.
फिलहाल यहां MBBS की 100 सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 200 करने की योजना है. इसके अलावा PG पाठ्यक्रमों के लिए 150 सीटों की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा गया है. इस परियोजना पर करीब 375 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मेडिकल कॉलेज परिसर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के आधार पर PG विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और अतिथिगृह बनाने का निर्देश दिया. इससे विद्यार्थियों और संस्थान में आने वाले अतिथियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा.
वहीं, पलामू स्थित एमआर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को भी विस्तार देने की योजना है. करीब 75 एकड़ जमीन पर विकसित होने वाले इस संस्थान में सदर अस्पताल को शामिल करते हुए कुल 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है. यहां भी स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की सीटें बढ़ाने पर चर्चा हुई. PG पाठ्यक्रमों के लिए 150 सीटों की व्यवस्था करने की योजना है. बैठक में बताया गया कि दुमका और पलामू, दोनों मेडिकल कॉलेजों के लिए जमीन उपलब्ध हो गई है.
मेडिकल कॉलेजों में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, मरीजों को मिलेगी राहत
बैठक में हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास पर भी चर्चा की गई. इसके लिए करीब 75 से 100 एकड़ जमीन पर अस्पताल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास की योजना पर विचार किया गया. इसके अलावा देवघर, रांची, लोहरदगा, चाईबासा और जमशेदपुर समेत राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की गई.
अपर मुख्य सचिव ने सभी मेडिकल कॉलेजों में विद्युत बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इन बसों का उद्देश्य अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में सुविधा देना है. जमशेदपुर समेत अन्य तीन मेडिकल कॉलेजों में भी बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
बड़े अस्पताल परिसरों में मरीजों को कई विभागों के बीच आना-जाना पड़ता है. ऐसे में विद्युत बसों की सुविधा से बुजुर्गों और चलने-फिरने में परेशानी का सामना करने वाले मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है.
बैठक में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाने, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, छात्रावास और अतिथिगृह जैसी सुविधाएं विकसित करने तथा मरीजों के आवागमन को सुगम बनाने पर जोर दिया गया. इन योजनाओं के जरिए झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी है.


