जोहार लाइव ब्यूरो
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान शाम 4 बजे समाप्त हो गया. शाम 4 बजे तक मतदान केंद्रों पर लाइन में लग चुके मतदाताओं को चुनाव नियमों के मुताबिक वोट डालने का मौका दिया जाएगा. इसके बाद मतपेटियों को सील किया जाएगा. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में औसतन 74.55 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 43.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है.
बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में औसतन 74.55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इनमें सारण में सबसे ज्यादा 87.16 प्रतिशत वोट पड़े. इसके अलावा दरभंगा में 79.00 प्रतिशत, तिरहुत में 78.10 प्रतिशत और पटना में 56.89 प्रतिशत मतदान हुआ.
वहीं, चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में औसतन 43.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इनमें कोसी में सबसे अधिक 52.51 प्रतिशत मतदान हुआ। तिरहुत में 42.15 प्रतिशत, दरभंगा में 42.00 प्रतिशत और पटना में सबसे कम 36.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई.
150 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए कुल 150 उम्मीदवार मैदान में थे. इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं.
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की सीटें शामिल हैं. वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटों पर चुनाव हुआ.
इस चुनाव में कुल 5,32,847 मतदाता पंजीकृत हैं. इनमें 3,86,199 पुरुष, 1,46,611 महिलाएं और 37 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. मतदान के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए थे.
उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से दरभंगा स्नातक सीट पर सबसे ज्यादा 40 उम्मीदवार मैदान में थे. वहीं, पटना शिक्षक और सारण शिक्षक सीटों पर 18-18 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई.
पटना स्नातक सीट पर दिलचस्प मुकाबला
इस चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर भी खास नजर रही. यहां जदयू के भीतर की खींचतान ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया. मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया.
नीरज कुमार पूर्व मंत्री हैं और इस सीट से लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ रही है.
जन सुराज पार्टी ने चुनाव के दौरान अपने कुछ उम्मीदवारों में बदलाव भी किया था. पार्टी ने तिरहुत शिक्षक सीट पर भूषण झा की जगह श्यामनंदन यादव को उम्मीदवार बनाया. वहीं, दरभंगा स्नातक सीट पर रवींद्र यादव की जगह मोहम्मद इम्तियाज (नूरानी) को मैदान में उतारा गया था.
पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी भी चुनावी मुकाबले में शामिल रहे.
इस चुनाव में भाजपा के तीन मौजूदा विधान परिषद सदस्य भी दोबारा अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. एनके यादव और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सर्वेश कुमार शामिल हैं.
सुरक्षा के बीच मतदान, अब मतगणना का इंतजार
मतदान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. मतदान समाप्त होने के बाद बैलेट बॉक्स को सील कर स्ट्रॉन्ग रूम यानी बज्रगृह में सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई.
अब सभी की नजरें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं. मतगणना के बाद यह साफ हो जाएगा कि बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर किस उम्मीदवार को जीत मिलती है. चुनाव आयोग की ओर से देर शाम मतदान के अंतिम आंकड़े जारी किए जाने की संभावना है.

