बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 576 ग्राम पंचायतें इसकी चपेट में हैं, जिससे करीब 50.49 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में तथा गंगा नदी कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
23 सितंबर की सुबह 10 बजे तक विभिन्न बराजों पर जल का बहाव की स्थिति इस प्रकार रही कि वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जल का बहाव 40 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया जिसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है, वीरपुर बराज पर कोसी नदी का जल का बहाव 1.13 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया जो फिलहाल स्थिर है, और इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का जल का बहाव 35,940 क्यूसेक दर्ज किया गया जहां स्थिति स्थिर बनी हुई है.
वहीं, राज्य सरकार ने अभी बाढ़ में हुई कुल मौतों का समेकित आंकड़ा जारी नहीं किया है. सरकार के मुताबिक बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आकलन दुर्गा पूजा से पहले किया जाएगा और इसकी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी. ऐसे में मौतों समेत बाढ़ से हुए कुल नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा उसी आकलन के बाद स्पष्ट हो सकता है.
चलाई जा रही 391 नाव
प्रभावित इलाकों में प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं. लोगों की सुरक्षित आवागमन के लिए 391 नावें संचालित की जा रही हैं. राज्यभर में बनाए गए 6 राहत शिविरों में 7,714 लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा की पुख्ता व्यवस्था की गई है. इसके अलावा 3 सामुदायिक रसोई के माध्यम से अब तक करीब 1.95 करोड़ थाली भोजन कराया जा चुका है.
राहत सामग्री के वितरण के तहत लगभग 4.54 लाख पॉलिथीन शीट, 96,300 ड्राई राशन पैकेट, 1,400 फूड पैकेट और पशुओं के लिए 18,302 क्विंटल चारा बांटा गया है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने और कड़ी निगरानी रखने के लिए SDRF की 27 और NDRF की 8 टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं.
भारी बारिश की संभावना
बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, 23 से 26 सितंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है.

उल्लेखनीय है कि इस सीजन में 1 जून से 23 सितंबर तक राज्य में कुल 661.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 29 प्रतिशत कम है, लेकिन नदियों के बढ़े हुए जलस्तर के कारण कई जिलों में बाढ़ का संकट अभी भी बरकरार है.
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