किसलय शानू : रांची
14वीं जेपीएसपी और एफआरओ परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने लालू यादव की भूमिका पर कई साक्ष्य एकत्रित किये हैं. सीआईडी के मुताबिक जांच में प्रथमदृष्टया ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे ललू यादव के खुद कथित तौर पर अनुचित तरीके से परीक्षा में लाभ लेने के साथ-साथ अभ्यर्थियों और मुख्य आरोपी के बीच कड़ी के रूप में काम करने की बात सामने आ रही है.
लालू यादव की भूमिका को लेकर सीआईडी के द्वारा तैयार केस के अनुसार मामले में अभी तक की जांच में बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी के बयान में लालू कुमार यादव को उसका एजेंट बताया गया है. जांच एजेंसी का कहना है कि इसी भूमिका के जरिए अभ्यर्थियों को 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित तौर पर सुविधा पहुंचाई जाती थी.
14वीं JPSC और FRO दोनों परीक्षाओं में सफल होने का दावा
सीआईडी की रिपोर्ट के अनुसार लालू कुमार यादव 14वीं जेपीएससी पीटी में रोल नंबर 2601100329 के साथ सफल अभ्यर्थी रहा है. इसके अलावा वह एफआरओ परीक्षा में रोल नंबर 24410394 के साथ भी सफल हुआ. सीआईडी ने इन दोनों परीक्षाओं में उसकी सफलता को उसके खिलाफ लगाए गए उस आरोप से जोड़ा है, जिसमें कहा गया है कि उसने कथित अनुचित साधनों के जरिए परीक्षा में लाभ हासिल किया. हालांकि, ये आरोप जांच के स्तर पर हैं और अदालत में अंतिम रूप से साबित होना बाकी है.
घर की तलाशी में मिला 8 लाख का चेक
सीआईडी के अनुसार, लालू कुमार यादव के घर की तलाशी के दौरान 8 लाख रुपये का एक चेक बरामद हुआ, जिस पर अभय कुमार तिवारी के हस्ताक्षर बताए गए हैं. जांच के दौरान इसे दोनों के बीच कथित वित्तीय संबंध का प्रथमदृष्टया महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है. सीआईडी का कहना है कि यह बरामदगी इस बात की जांच का आधार बनती है कि लालू यादव और मुख्य आरोपी के बीच पैसों का किस तरह लेन-देन हुआ और परीक्षा में कथित गड़बड़ी से इसका क्या संबंध था.
कई ब्लैंक चेक और दूसरे अभ्यर्थी की OMR कॉपी भी मिली
सीआईडी की जांच में आये तथ्यों के अनुसार सिर्फ 8 लाख रुपये का चेक ही नहीं, बल्कि अलग-अलग बैंक खातों से जुड़े कई ब्लैंक चेक मिलने की बात भी सामने आई है. इसके अलावा ललू यादव के कब्जे से एक अन्य अभ्यर्थी की OMR उत्तर पुस्तिका की तीन कार्बन कॉपियां बरामद की गयी थी. सीआईडी के मुताबिक, दूसरे अभ्यर्थी की OMR कॉपियों का उसके पास मिलना इस संभावना की ओर इशारा करता है कि उसकी भूमिका सिर्फ अपनी परीक्षा तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह अन्य अभ्यर्थियों से जुड़े कथित नेटवर्क में भी शामिल था.

अभय तिवारी के खाते में 1.40 लाख रुपये का UPI ट्रांजैक्शन
जांच में लालू कुमार यादव और अभय कुमार तिवारी के बीच कथित आर्थिक लेन-देन का भी जिक्र किया गया है. सीआईडी के मुताबिक मुताबिक, लालू यादव की ओर से अभय कुमार तिवारी के बैंक खाते में कुल 1.40 लाख रुपये के UPI ट्रांजैक्शन पाए गए हैं.

