गिरिडीह के आदर्श कॉलेज, राजधनवार की एक महिला कर्मचारी ने कॉलेज के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी विजय प्रसाद यादव पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. पीड़िता के मुताबिक, शिकायत के बाद कॉलेज की यौन उत्पीड़न समिति ने मामले की जांच की और विजय प्रसाद यादव को दोषी पाया.
इसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश भी की गई. लेकिन पीड़िता का आरोप है कि कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी और संबंधित फाइल लंबे समय से अटकी हुई है. इसी मामले में पीड़िता ने 16 सितंबर को राज्यपाल-सह-कुलाधिपति, मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों को फिर पत्र भेजकर न्याय और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
प्राचार्य ने आरोपी पर कार्रवाई के लिए भेजा था पत्र
पीड़िता ने अपने पत्र में बताया है कि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बिमल कुमार मिश्रा ने 24 दिसंबर 2024 को विजय प्रसाद यादव को निलंबित करने या तत्काल स्थानांतरित करने के लिए पत्र भेजा था. यह पत्र 7 जनवरी 2025 को तत्कालीन कुलपति के सामने रखा गया. इसके बाद इसे कार्रवाई के लिए कुलसचिव को भेजा गया.
पीड़िता के अनुसार, तत्कालीन कुलसचिव डॉ. सादिक रज्जाक ने 10 जनवरी 2025 को फाइल स्थापना शाखा प्रभारी भैया मुकेश को भेजी. वहां से 17 जनवरी 2025 को फाइल कीर्तन राम के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजी गई.
पीड़िता का आरोप- फाइल दबाकर रखी गई
पीड़िता का आरोप है कि 17 जनवरी 2025 के बाद से फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उसने अपने पत्र में कीर्तन राम पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आरोपी विजय प्रसाद यादव से “मोटी रकम” लेकर फाइल अपने पास दबा रखी है. पीड़िता ने यह भी कहा है कि कीर्तन राम और आरोपी के बीच पहले से जान-पहचान है.
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. उपलब्ध दस्तावेज में ये आरोप पीड़िता की ओर से लगाए गए हैं.
कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े अधिकारियों तक जाएगी
पीड़िता ने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति से विजय प्रसाद यादव को निलंबित करने और उसका मुख्यालय चतरा महाविद्यालय या रामगढ़ महाविद्यालय में रखने की मांग की है. साथ ही कीर्तन राम को गिरिडीह कॉलेज में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है.
पीड़िता ने कहा है कि अगर मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक ले जाएगी.
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