Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»क्राइम»बिहारः पत्नी की ‘ह’त्या’ के आरोप में 12 साल पहले गया था जेल, अब झारखंड के गढ़वा जिले में जिंदा मिली पत्नी
    क्राइम

    बिहारः पत्नी की ‘ह’त्या’ के आरोप में 12 साल पहले गया था जेल, अब झारखंड के गढ़वा जिले में जिंदा मिली पत्नी

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharySeptember 18, 2026No Comments5 Mins Read3
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    shakuntala Devi
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    जोहार लाइव ब्यूरो

    साल 2014 में बिहार के रोहतास जिले में एक नहर से एक महिला का शव बरामद हुआ था. पुलिस ने एक व्यक्ति को शव की पहचान के लिए बुलाया. उसने शव की पहचान अपनी बहन शकुंतला देवी के रूप में की, जो कई दिनों से लापता थी.

    बताया गया था कि शकुंतला ने अपने परिवार से कहा था कि ससुराल में दहेज की मांग को लेकर उसे परेशान किया जा रहा है. पोस्टमार्टम कराया गया. उसके भाई की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज हुआ. शकुंतला के पति अरुण मेहता और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को इस मामले के गंभीर परिणाम भुगतने पड़े. कुछ लोग जेल गए. यहां तक कि परिवार ने मामला सुलझाने के लिए पुश्तैनी जमीन तक बेच दी.

    लेकिन एक दशक से ज्यादा समय बाद अब इसी मामले में एक नया मोड़ आया है. इस बार मामला शकुंतला के खिलाफ दर्ज हुआ है. आरोप है कि उसने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की है.

    आरोपी अरुण मेहता के पिता दिलीप मेहता ने बताया, बीते 13 जून को उन्हें किसी ने सूचना दी. जो सूचना दी, उसे सुनकर मैं सन्न रह गया. शकुंतला यानी मेरी भाभी को उसके मायके में देखा गया है. वह कथित तौर पर किसी स्वयं सहायता समूह की योजना में नामांकन कराने और उसका लाभ लेने के लिए वहां पहुंची थी.

    अरुण के भाई गोविंद कुमार ने कहा, “जब वह अपना आधार कार्ड अपडेट कराने गई, तो कुछ लोगों ने उसे पहचान लिया. इसके तुरंत बाद उसका भाई और परिवार के लोग अपना घर बंद कर वहां से फरार हो गए.” मेहता परिवार के मुताबिक, कथित मौत के बाद यह पहली बार था जब वह अपने गांव लौटी थी.

    दिलीप ने कहा, इसके बाद हमने जितनी हो सकती थी, उतनी जानकारी जुटाई. हमारी पड़ताल झारखंड के गढ़वा जिले में जाकर खत्म हुई. मैंने उसे बाजार में खरीदारी करते और एक ठेले पर अंडे खाते देखा हमने शकुंतला को पहचान लिया था. दिलीप का दावा है, “वह पिछले 12 साल से वहां रह रही थी.”

    जब उन्हें यकीन हो गया कि वह शकुंतला ही है, तो दिलीप ने 5 जून को रोहतास के एसपी के समक्ष आवेदन देकर मामले की जानकारी दी. मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारी ने जांच के आदेश दिए. पुलिस ने महिला को पड़ोसी राज्य झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र के लभरी गांव में ट्रेस किया. इसके बाद शकुंतला को रोहतास लाया गया और सासाराम की अदालत में पेश किया गया.

    रोहतास एसपी राज ने बताया कि बीते 12 सितंबर को शकुंतला को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

    नई पहचान, नया साथी

    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “शकुंतला देवी झारखंड में अपने ओरिजन नाम के बजाय कांती देवी के नाम से रह रही थी. वहां वह किसी रट्टू सिंह नाम के एक व्यक्ति के साथ रह रही थी.”

    वहीं दिलीप मेहता के वकील शहनवाज अहमद के मुताबिक, शकुंतला ने 2002 में अरुण मेहता से शादी की थी. उनका दावा है कि वैवाहिक घर में दोनों के बीच बार-बार विवाद होते थे. इसी बीच साल 2014 में शकुंतला बिना परिवार को बताए घर से चली गई थी. वह अपने पीछे उस समय के बेटे को भी छोड़ गई थी, जो अब 22 साल का है. ससुराल वालों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला.

    अहमद ने कहा, “उस साल 20 अगस्त को उसके भाई ने पुलिस के पास जाकर उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. अरुण और उसके परिवार के खिलाफ शुरू हुई दहेज से जुड़ी शिकायत जल्द ही गंभीर आपराधिक मामले में बदल गई. शुरुआत में IPC की धारा 498A और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया था.”

    मामला दर्ज होने के दो दिन बाद डेहरी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खंडा गांव के पास एक नहर से एक महिला का शव बरामद हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, शकुंतला के भाई और एक स्थानीय चौकीदार ने शव की पहचान शकुंतला के रूप में की. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में रिपोर्ट अदालत के सामने रखी गई. इस तरह शकुंतला का लापता होना हत्या के मामले में बदल गया.

    इस मामले में अरुण, उसके पिता दिलीप और भाई गोविंद कुमार समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया. गोविंद ने कहा, “मैं और हमारे परिवार की महिलाएं अग्रिम जमानत लेने में कामयाब रहे, लेकिन अरुण को करीब एक साल जेल में रहना पड़ा. इस दौरान मामले की कार्यवाही चलती रही.” हालांकि, गिरफ्तारी के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ.

    8 लाख रुपये में हुआ था ‘समझौता’

    मेहता परिवार का आरोप है कि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया. दिलीप ने दावा किया, “शकुंतला के परिवार ने शुरुआत में समझौते के लिए कम से कम 10 लाख रुपये मांगे थे. लेकिन स्थानीय पंचायत के हस्तक्षेप के बाद 8 लाख रुपये में मामला तय हुआ. इस रकम को जुटाने के लिए मुझे साढ़े तीन कट्ठा पुश्तैनी जमीन, दो ट्रैक्टर, अपनी पत्नी के गहने और दो अन्य बहुओं के गहने बेचने पड़े.”

    समझौते के बाद मामला धीरे-धीरे खत्म हो गया. इसके बाद कई वर्षों तक पूरे घटनाक्रम के पीछे यही धारणा बनी रही कि शकुंतला की मौत हो चुकी है. अब इस खुलासे ने उस मामले की पूरी कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे पुलिस रिकॉर्ड में वर्षों तक एक सुलझा हुआ हत्या का मामला माना जाता रहा. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “मामले की अब शुरुआत से जांच की जा रही है. हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पहले जो शव बरामद हुआ था, वह वास्तव में किसका था और उसकी पहचान शकुंतला के रूप में कैसे हुई.”

    इस बीच पुलिस ने शकुंतला के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोप है कि उसने अपने ससुराल वालों को झूठे मामले में फंसाया और धोखाधड़ी तथा आपराधिक साजिश में शामिल रही.

    Also Read : 20 साल पहले आज ही के दिन देश के पहले निर्दलीय CM बने थे मधु कोड़ा

    # Bihar Crime 12 Years Later Bihar news Crime news Dehri News Garhwa News Human Interest Story Husband Jailed Jharkhand crime Jharkhand news Kanti Devi Murder case police investigation Rohtas news Sasaram News Shakuntala Devi Wife Found Alive
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Article20 साल पहले आज ही के दिन देश के पहले निर्दलीय CM बने थे मधु कोड़ा
    Next Article पासपोर्ट बनवाने के नियमों में बदलाव हुआ है, जानिये पूरी डिटेल्स

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    100 की रिश्वत, 31 साल की कानूनी लड़ाई… झारखंड HC ने कायम रखी पूर्व रेलवे क्लर्क की सजा

    September 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: क्यूएस बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग IIM रांची की इंट्री, एशिया में मैनेजमेंट की 21वीं और बिजनेस एनालिटिक्स की 16वीं रैंक

    September 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    धान खरीद पर सरकार का मास्टर प्लान : 50 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य, फर्जीवाड़े रोकने के लिए होगी गाड़ी-जमीन की ऑनलाइन ट्रैकिंग

    September 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    Birth-Death Registration : 1अक्टूबर से बदल जाएगा नियम, देरी हुई तो बढ़ेगी परेशानी

    September 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    पासपोर्ट बनवाने के नियमों में बदलाव हुआ है, जानिये पूरी डिटेल्स

    September 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    20 साल पहले आज ही के दिन देश के पहले निर्दलीय CM बने थे मधु कोड़ा

    September 18, 2026
    Latest Posts

    100 की रिश्वत, 31 साल की कानूनी लड़ाई… झारखंड HC ने कायम रखी पूर्व रेलवे क्लर्क की सजा

    September 18, 2026

    झारखंड: क्यूएस बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग IIM रांची की इंट्री, एशिया में मैनेजमेंट की 21वीं और बिजनेस एनालिटिक्स की 16वीं रैंक

    September 18, 2026

    धान खरीद पर सरकार का मास्टर प्लान : 50 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य, फर्जीवाड़े रोकने के लिए होगी गाड़ी-जमीन की ऑनलाइन ट्रैकिंग

    September 18, 2026

    Birth-Death Registration : 1अक्टूबर से बदल जाएगा नियम, देरी हुई तो बढ़ेगी परेशानी

    September 18, 2026

    पासपोर्ट बनवाने के नियमों में बदलाव हुआ है, जानिये पूरी डिटेल्स

    September 18, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.