रांची। डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों पर महिला पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार तथा कैमरे से मेमोरी कार्ड निकालने के आरोप के विरोध में शनिवार को पत्रकारों ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया. पत्रकारों ने विधायक जयराम महतो के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पूरे मामले में महिला पत्रकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार और उनके कार्य में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि पत्रकार का सवाल पूछना उसका अधिकार और पेशेवर दायित्व है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि महिला पत्रकार के कैमरे से मेमोरी कार्ड निकालकर ले जाया गया, जिसमें इंटरव्यू के दौरान रिकॉर्ड हुई महत्वपूर्ण सामग्री थी. पत्रकारों ने मेमोरी कार्ड तत्काल वापस करने की मांग की.
माफी नहीं मांगी तो विधानसभा अध्यक्ष से मिलेंगे पत्रकार
पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि विधायक जयराम महतो ने महिला पत्रकार से माफी नहीं मांगी और मेमोरी कार्ड वापस नहीं किया, तो पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करेगा.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मेमोरी कार्ड में इंटरव्यू के दौरान हुई पूरी बातचीत रिकॉर्ड थी और उसे निकालकर ले जाना गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने मांग की कि पूरी रिकॉर्डिंग और मेमोरी कार्ड पत्रकार को वापस किया जाए.
क्या है जोहार लाइव की पत्रकार कनिका राणा के साथ हुआ पूरा मामला
यह मामला 27 अगस्त का है, जब जोहार लाइव की पत्रकार कनिका राणा डुमरी विधायक जयराम महतो का इंटरव्यू लेने उनके आवास पहुंची थीं. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल जयराम महतो के एक वीडियो और उनके बयान को लेकर सवाल किया था. कनिका राणा के अनुसार, उन्होंने विधायक से उन अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बारे में सवाल पूछा था, जिन पर जयराम महतो ने कथित तौर पर पैसे की वसूली के आरोप लगाए थे.
पत्रकार का आरोप है कि इस सवाल पर जयराम महतो नाराज हो गए. इंटरव्यू के दौरान फोन पर देखकर सवाल पूछने को लेकर भी विवाद हुआ. कनिका राणा का कहना है कि सवालों की सूची फोन या नोट्स में रखना पत्रकारिता की सामान्य प्रक्रिया है, ताकि बातचीत के दौरान कोई महत्वपूर्ण सवाल छूट न जाए.
कनिका राणा के मुताबिक, जब उन्होंने एक महिला पत्रकार के साथ इस तरह बात करने पर आपत्ति जताई तो उन्हें कथित तौर पर विक्टिम कार्ड और इमोशनल कार्ड खेलने की बात कही गई. उन्होंने आरोप लगाया कि इंटरव्यू के बाद कैमरा बंद करवाकर उसका मेमोरी कार्ड निकलवा लिया गया और उसे वापस नहीं किया गया. पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल इसी मेमोरी कार्ड को लेकर उठाया गया है.
पत्रकार का कहना है कि अगर इंटरव्यू में कुछ भी गलत या आपत्तिजनक नहीं था तो मेमोरी कार्ड वापस क्यों नहीं किया जा रहा है. उन्होंने मांग की है कि मेमोरी कार्ड लौटाया जाए, ताकि इंटरव्यू के दौरान हुई पूरी बातचीत सामने आ सके और लोग खुद देख सकें कि बातचीत में क्या हुआ था.
दर्जनों पत्रकार हुए प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में धर्मेंद्र गिरी, सैय्यद रमीज जावेद, जावेद अख्तर, राजेश सिंह, मोहम्मद इमरान, अमीरुल होडा, शकील अख्तर, चंदन रावत, प्रदीप, अजय, संजय, जगदीश, सुधा समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे. पत्रकारों ने मामले में कार्रवाई, मेमोरी कार्ड की वापसी और महिला पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग की.

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