किसी भी क्षेत्र में सरकारी नौकरी को सुरक्षित और प्रतिष्ठित करियर विकल्प माना जाता है. यही वजह है कि लाखों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं. हालांकि, खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी हासिल करने का एक अलग रास्ता भी मौजूद है. बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटा के तहत विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी पाने का अवसर मिलता है.
स्पोर्ट्स कोटा के तहत राज्य, यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति का मौका दिया जाता है. संबंधित विभागों में स्पोर्ट्स कोटा के लिए निर्धारित पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति की जाती है. कई बार विभागों की ओर से विशेष रूप से स्पोर्ट्स कोटा के तहत भी भर्तियां निकाली जाती हैं.
क्या है स्पोर्ट्स कोटा?
स्पोर्ट्स कोटा सरकार की ओर से खिलाड़ियों को शिक्षा और सरकारी नौकरी में अवसर देने की व्यवस्था है. इसके तहत राज्य, यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी खेल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी पात्र हो सकते हैं. संबंधित विभाग में स्पोर्ट्स कोटा के लिए निर्धारित पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति की जाती है.
यानी किसी खिलाड़ी के लिए खेल उपलब्धि सरकारी सेवा में करियर बनाने का आधार बन सकती है. हालांकि, अलग-अलग विभागों में पात्रता और चयन के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित भर्ती का नोटिफिकेशन देखना जरूरी है.
रेलवे में खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसर
भारतीय रेलवे खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का एक प्रमुख विकल्प है. उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, रेलवे में स्पोर्ट्स कोटा के तहत ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘डी’ जैसे पदों पर भर्ती के अवसर मिलते हैं. रेलवे में खिलाड़ियों को नौकरी मिलने का चर्चित उदाहरण भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं. उन्हें स्पोर्ट्स कोटे के तहत इंडियन रेलवे में नौकरी दी गई थी.
आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में भी मौका
खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए रक्षा सेवाएं भी करियर का विकल्प हो सकती हैं. दिए गए स्रोतों के अनुसार, भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में खिलाड़ियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती के अवसर होते हैं. हालांकि, किस खेल के खिलाड़ी किस पद के लिए पात्र होंगे और चयन प्रक्रिया क्या होगी, यह संबंधित भर्ती के नियमों पर निर्भर करता है. इसलिए खिलाड़ियों को संबंधित विभाग की आधिकारिक भर्ती सूचना को आधार बनाना चाहिए.
पुलिस विभाग में भी बना सकते हैं करियर
पुलिस विभाग भी खिलाड़ियों के लिए नौकरी का महत्वपूर्ण विकल्प है. राज्य स्तर पर सरकारें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के खिलाड़ियों को पुलिस बल में अवसर देती हैं. कुछ राज्यों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उच्च पदों पर नियुक्ति देने की व्यवस्था भी बताई गई है. इसलिए राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए अपने राज्य की खेल नीति और पुलिस विभाग की भर्ती व्यवस्था पर नजर रखना उपयोगी हो सकता है.
बैंक और PSU में नौकरी के विकल्प
खिलाड़ियों के लिए सरकारी बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी करियर का रास्ता खोल सकती हैं. उपलब्ध सामग्री में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ ONGC और Indian Oil जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का उल्लेख है. इन संस्थानों में खेल उपलब्धि के आधार पर ऑफिसर और क्लर्क जैसे पदों पर अवसर मिलने की बात कही गई है. हालांकि, पद, पात्रता और भर्ती की शर्तें संबंधित संस्था के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं.
राज्य सरकारों में भी सीधी नियुक्ति का रास्ता
खिलाड़ियों को सिर्फ केंद्र सरकार के विभागों में ही नौकरी के मौके नहीं मिलते. कई राज्य सरकारें भी अपनी खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में अवसर देती हैं. झारखंड में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति के लिए नियम बनाए गए हैं. इसके तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का मौका मिल सकता है. कुछ मामलों में खिलाड़ियों को उम्र सीमा में भी छूट दी जाती है. इसलिए राज्य स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अपने राज्य की खेल नीति और सरकारी भर्ती से जुड़े नियमों की जानकारी जरूर रखनी चाहिए.
स्टेट लेवल खिलाड़ी किन विकल्पों पर नजर रखें?
राज्य स्तर के खिलाड़ियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे अपने खेल प्रमाणपत्र और उपलब्धियों को व्यवस्थित रखें. उनके लिए संभावित विकल्पों में शामिल हैं:

- राज्य सरकार के विभाग
- पुलिस विभाग
- रेलवे
- रक्षा सेवाएं
- बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान
- विश्वविद्यालय और अन्य सरकारी संस्थान
हालांकि, हर राज्य में स्पोर्ट्स कोटा के नियम और पात्रता एक जैसी नहीं होती, इसलिए राज्य सरकार की संबंधित अधिसूचना और भर्ती विज्ञापन को जरूर देखना चाहिए.
नेशनल लेवल खिलाड़ियों के लिए क्या हैं विकल्प?
राष्ट्रीय स्तर पर खेलने या उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए अवसरों का दायरा और बढ़ सकता है. उपलब्ध स्रोतों में रेलवे, रक्षा सेवाएं, पुलिस, बैंक, विश्वविद्यालय और विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी के विकल्प बताए गए हैं. राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपने खेल प्रमाणपत्र के आधार पर उन भर्तियों की तलाश कर सकते हैं जिनमें स्पोर्ट्स कोटा के लिए पद निर्धारित हों.
सरकारी नौकरी नहीं तो ये करियर भी हैं विकल्प
अगर कोई खिलाड़ी सरकारी नौकरी नहीं करना चाहता, तो खेल से जुड़े कई दूसरे करियर विकल्प भी मौजूद हैं.
1. कोचिंग और ट्रेनिंग
खिलाड़ी NIS डिप्लोमा या B.P.Ed. जैसे कोर्स के जरिए कोचिंग के क्षेत्र में जा सकते हैं. इसके बाद स्पोर्ट्स कोच, अकादमी ट्रेनर या अन्य प्रशिक्षण संबंधी भूमिकाओं में करियर बनाया जा सकता है.
2. स्पोर्ट्स साइंस और मैनेजमेंट
खेल के अनुभव का इस्तेमाल स्ट्रेंथ कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट या स्पोर्ट्स मैनेजर जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है. इन क्षेत्रों में प्राइवेट सेक्टर और स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी में अवसर मिल सकते हैं.
3. स्पोर्ट्स मीडिया
खेल की अच्छी समझ रखने वाले खिलाड़ी स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, कमेंट्री और एनालिसिस के क्षेत्र में भी करियर बना सकते हैं. मैदान का अनुभव इस क्षेत्र में एक अतिरिक्त फायदा दे सकता है.
खिलाड़ियों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
स्पोर्ट्स कोटा के जरिए नौकरी हासिल करने की योजना बना रहे खिलाड़ियों को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उनकी खेल उपलब्धि संबंधित भर्ती के नियमों के तहत मान्य है या नहीं. इसके बाद संबंधित विभाग की पात्रता, आयु सीमा, खेल प्रमाणपत्र, पद और चयन प्रक्रिया की जानकारी हासिल करनी चाहिए. सबसे जरूरी है कि खिलाड़ी सरकारी भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम आधार मानें, क्योंकि स्पोर्ट्स कोटा की पात्रता और भर्ती की शर्तें विभाग और राज्य के अनुसार अलग हो सकती हैं.


