डुमरी विधायक जयराम महतो एक बार फिर विवादों में हैं. बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. आरोप है कि 22 अगस्त की रात फोन पर बातचीत के दौरान जयराम महतो ने थाना प्रभारी के साथ गाली-गलौज की और वर्दी उतरवाने की धमकी दी. इस मामले में विधायक के अलावा 10 अन्य लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 50 अज्ञात लोगों को भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है.
जयराम महतो ने दी सफाई
एफआईआर दर्ज होने के बाद जयराम महतो ने मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि थाने में सिर्फ ‘हॉट टॉक’ हुआ था. उन्होंने कहा कि अगर हॉट टॉक कार्रवाई के दायरे में आता है तो पुलिस कार्रवाई करे, उन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं है. विधायक ने कहा कि वह थाने में केवल यह पूछने गए थे कि मारपीट क्यों की गई. उनके मुताबिक इसके अलावा वहां कुछ नहीं हुआ. उन्होंने पुलिस से अपने थाने में प्रवेश करने से लेकर बाहर निकलने तक की पूरी CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की.
‘दो घंटे थाना में रहा, पूरी CCTV फुटेज सामने लाएं’
जयराम महतो ने कहा कि वह करीब दो घंटे तक थाना में रहे और इस दौरान हुई पूरी बातचीत CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई होगी. उन्होंने कहा कि थाने के अंदर की सभी CCTV फुटेज सामने लाई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके. उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई आरोप लगाया गया है तो CCTV फुटेज से यह स्पष्ट हो जाएगा कि थाने में वास्तव में क्या हुआ था. विधायक ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की.
पुलिस और सिस्टम पर भी उठाए सवाल
जयराम महतो ने इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि कई विधायक और सांसद सार्वजनिक मंचों पर अधिकारियों के साथ गाली-गलौज कर चुके हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि वह व्यवस्था के खिलाफ सवाल उठाने की कोशिश करते हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद उन्होंने विधायक की पारंपरिक कार्यशैली को बदलने की कोशिश की है. उनके मुताबिक सिस्टम का हिस्सा बनकर चलने पर विरोध कम होता है, लेकिन व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ कई लोग खड़े हो जाते हैं.
थाना प्रभारियों पर लगाए पैसे लेने के आरोप
विधायक ने कुछ थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों पर पैसे के लेनदेन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जांच होनी चाहिए और यह सामने आना चाहिए कि कौन कितना पैसा लेता है और वाहनों से जुड़े मामलों में किन लोगों की भूमिका है. जयराम महतो ने कहा कि वह इस मामले में करीब एक महीने का समय दे रहे हैं. उन्होंने करीब 30 ऐसे लोगों की जरूरत बताई जो ड्राइविंग जानते हों. उनका दावा है कि अलग-अलग तरह के वाहनों को चलाकर यह पता लगाया जाएगा कि कथित तौर पर पैसे का लेनदेन कैसे और कहां होता है.
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