जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड में नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति का मामला अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है. पुलिस सुधार से जुड़े वर्ष 1996 के चर्चित प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले की सुनवाई के दौरान 18 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड में नियमित DGP की नियुक्ति से संबंधित कागजात पर संज्ञान लिया. अदालत ने इस मामले से जुड़े पेपरबुक की एक प्रति एमिकस क्यूरी को सौंपे जाने की जानकारी अपने आदेश में दर्ज की है, ताकि वे इस संबंध में अपना नोट अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर सकें.
DGP नियुक्ति के मुद्दे पर क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि झारखंड राज्य में नियमित DGP की नियुक्ति के विषय में पेपरबुक अमिकस क्यूरी को उपलब्ध कराई गई है. अदालत ने कहा कि अमिकस क्यूरी इस संबंध में अपना नोट दाखिल कर सकते हैं. यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रकाश सिंह मामले में पुलिस व्यवस्था में सुधार और पुलिस नेतृत्व की नियुक्ति से जुड़े मुद्दे लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन रहे हैं. 18 अगस्त की कार्यवाही में अदालत ने झारखंड से संबंधित इस पहलू को लंबित मुख्य मामले और अन्य अंतरिम आवेदनों के साथ आगे सुनवाई के लिए रखा है.
हालांकि, उपलब्ध आदेश में नियमित DGP की नियुक्ति के लिए किसी अधिकारी का नाम, नियुक्ति की कोई नई समयसीमा या झारखंड सरकार को दिया गया कोई नया विशेष निर्देश दर्ज नहीं है. इसलिए आदेश के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी विशेष अधिकारी को DGP बनाने का निर्देश दिया है. अदालत ने फिलहाल संबंधित पेपरबुक अमिकस क्यूरी को देकर उनके नोट की संभावना दर्ज की है.
2 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
18 अगस्त की सुनवाई केवल झारखंड के DGP के मुद्दे तक सीमित नहीं रही। सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों से संबंधित अनुपालन और हलफनामों को भी रिकॉर्ड पर लिया। आदेश के अनुसार, ओडिशा सरकार ने अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल किया, जिसकी प्रति संबंधित पक्षों के वकीलों को उपलब्ध कराई गई. रजिस्ट्री को इस काउंटर एफिडेविट को पेपरबुक के साथ टैग करने का निर्देश दिया गया.
18 अगस्त की सुनवाई के अंत में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य मामला और लंबित इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशनों को 2 सितंबर 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. साथ ही अदालत ने अंतरिम निर्देशों को जारी रखने का आदेश दिया है. इसका मतलब है कि झारखंड में नियमित DGP की नियुक्ति से जुड़ा मुद्दा फिलहाल न्यायिक निगरानी वाले इस बड़े पुलिस सुधार मामले का हिस्सा बना हुआ है. अब अगली सुनवाई में एमिकस क्यूरी की ओर से झारखंड के संबंध में कोई नोट प्रस्तुत किया जाता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी.
Also Read : जयराम महतो पर थानेदार से गाली-गलौज का आरोप, बरवाअड्डा थाना प्रभारी ने दर्ज कराई FIR


