रांची. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ 1,932 चयनित अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए अपनी नियुक्तियों को बरकरार रखने और रद्दीकरण के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. कोर्ट की कार्यवाही चल रही है, जल्द ही फैसला आ सकता है.
राज्य सरकार की ओर से 18 जुलाई को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद 1,932 चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है. चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर अनियमितता हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. गड़बड़ी के लिए पूरी चयन प्रक्रिया में सफल अभ्यर्थियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है.
हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में अभ्यर्थियों ने नियुक्ति रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगाने और चयनित अभ्यर्थियों को राहत देने का आग्रह किया है. मामले में जल्द सुनवाई की मांग भी की गई है.
जेपीएससी मामले में मिल चुकी है राहत
इस बीच 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब जेएसएससी सीजीएल के चयनित अभ्यर्थियों की नजर भी अदालत की सुनवाई पर टिकी है. उन्हें उम्मीद है कि अदालत उनकी नियुक्ति को लेकर भी राहत देगी.
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