रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है. आयोग के अध्यक्ष एल. खियांगते के बाद अब तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है.
इस तरह JPSC में अब तक अध्यक्ष समेत कुल चार इस्तीफे हो चुके हैं. परीक्षा विवाद के बीच आयोग के शीर्ष स्तर पर हुए इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
JPSC का गठन संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत हुआ है. वहीं अनुच्छेद 318 के तहत राज्यपाल को आयोग के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा शर्तें निर्धारित करने का अधिकार है. झारखंड में लागू नियमों और सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार आयोग की स्वीकृत संरचना एक अध्यक्ष और आठ सदस्य यानी कुल नौ पदों की है.
हालांकि, इस्तीफों से पहले आयोग में अध्यक्ष समेत केवल चार पदाधिकारी ही कार्यरत थे. अध्यक्ष एल. खियांगते के अलावा अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा सदस्य के रूप में काम कर रहे थे. यानी स्वीकृत नौ पदों में से पांच पद पहले से खाली थे.
अब अध्यक्ष समेत इन चार पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. खासकर ऐसे समय में जब JPSC की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रहा है और 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है.
अब सरकार और राजभवन के सामने आयोग में खाली पदों को भरने और उसकी नियमित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की चुनौती होगी. साथ ही यह भी देखना होगा कि इन इस्तीफों का आगामी परीक्षाओं और लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं पर क्या असर पड़ता है.




