रांची: मुख्यमंत्री ने झारखंड के छात्रों से सीधे संवाद करते हुए कहा है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं हो सकता. इसमें छात्रों की भागीदारी भी जरूरी है. इसी सोच के साथ सरकार ने ‘छात्रों की बात – छात्रों के साथ’ अभियान शुरू किया है. छात्रों के नाम अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. उनकी मेहनत के साथ उनके पूरे परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं. ऐसे में परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिस पर हर छात्र को भरोसा हो.
उन्होंने कहा कि सरकार JPSC समेत दूसरी भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है. परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम और कानून भी बनाए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश सिर्फ समस्या बताने की नहीं, बल्कि उसका समाधान निकालने की है. इसके लिए छात्रों से ही पूछा जा रहा है कि आखिर परीक्षा व्यवस्था में कहां-कहां दिक्कत है और उसे कैसे बेहतर बनाया जा सकता है.
छात्र बताएं, परीक्षा में क्या सुधार चाहिए
मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि अगर परीक्षा के दौरान उन्हें कोई परेशानी हुई है तो उसकी जानकारी दें. अगर उनके पास परीक्षा को बेहतर बनाने का कोई सुझाव है तो वह भी साझा करें.
सरकार ने छात्रों से खास तौर पर पूछा है कि-
– परीक्षा व्यवस्था में उन्हें कौन-कौन सी कमियां नजर आती हैं?
– परीक्षा को और सुरक्षित कैसे बनाया जा सकता है?
– तकनीक का इस्तेमाल किस तरह बेहतर किया जा सकता है?
– परीक्षा के दौरान उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ा?
– व्यवस्था में सुधार के लिए उनके पास क्या नया सुझाव है?

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की ओर से मिलने वाले सुझावों को गंभीरता से देखा जाएगा. विशेषज्ञों से भी इन सुझावों की जांच कराई जाएगी और जो सुझाव नियम और संविधान के दायरे में लागू किए जा सकते हैं, उन्हें लागू करने की कोशिश होगी.
रोजगार में झारखंडी फर्स्ट पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का एक बड़ा लक्ष्य झारखंड के युवाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार और अवसर पैदा करना है. उन्होंने कहा कि ‘झारखंडी फर्स्ट’ की सोच के साथ स्थानीय युवाओं के हितों का ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने युवाओं से कहा कि झारखंड अब 25 साल का हो चुका है और राज्य एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है. इस बदलाव में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी.
मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे सिर्फ शिकायत करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाधान का हिस्सा भी बनें. छात्र अपने सुझाव samvad.jharkhand.gov.in पोर्टल पर दे सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाना चाहती है, जिस पर झारखंड का हर छात्र भरोसा कर सके.
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