जोहार लाइव ब्यूरो. रांची
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कर्नाटक के चर्चित भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी उम्मर फारूक एम.आर. को केरल के कोच्चि से गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है. एनआईए ने आरोपी को विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान दबोचा.
एनआईए के अनुसार उम्मर फारूक इस मामले में लंबे समय से फरार था. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया गया था और अदालत से गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी था.उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए एजेंसी ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था.
प्रतिबंधित संगठन से बनाई थी हत्या की योजना
जांच एजेंसी ने बताया कि उम्मर फारूक के खिलाफ पहले ही भारतीय दंड संहिता (IPC) तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम [UAPA] की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है.जांच में सामने आया है कि उसने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के अन्य सदस्यों के साथ सुल्लिया स्थित पीएफआई कार्यालय में हुई साजिश की बैठक में हिस्सा लिया था, जहां प्रवीण नेट्टारू की हत्या की योजना बनाई गई थी.
एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उम्मर फारूक ने हत्या से पहले बेल्लारे गांव में संभावित लक्ष्य की पहचान और रेकी के लिए अपने सह-आरोपी को मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने पर सहमति दी थी.इसके अलावा उस पर मामले के एक संरक्षित गवाह की हत्या की कोशिश की साजिश में भी शामिल होने का आरोप है.
गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई 2026 में एनआईए ने इसी मामले में फरार दो अन्य आरोपियों अब्दुल नासिर पी. उर्फ नासिर और नौशाद को क्रमशः केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के होसुर से गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली सूचना के आधार पर संयुक्त अभियान के तहत की गई थी.
अब भी दो आरोपी फरार
उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई 2022 को दक्षिण कन्नड़ जिले के भाजपा युवा नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद पूरे कर्नाटक में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था, जिसके बाद मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी.
एनआईए का दावा है कि अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रवीण नेट्टारू की हत्या प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के कैडरों द्वारा रची गई एक व्यापक आपराधिक साजिश का हिस्सा थी.एजेंसी का कहना है कि मामले में अब भी दो आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. एनआईए ने भरोसा जताया है कि शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर मामले की जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जायेगा.
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