रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठने की संभावना है. विपक्षी गठबंधन NDA ने इस मामले को लेकर हेमंत सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. गुरुवार को भाजपा और आजसू के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की मांग उठाई.
आजसू के एकमात्र मांडु विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने पोस्टर में CBI कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की, एक अनोखे पोस्टर के साथ सामने आये जिसमें JPSC के पोस्ट की कीमत रखी हुई थी. DSP 1.2 करोड़, FRO 80 लाख, BDO 90 लाख, CO एक करोड़, इसके अलावा JSSC के भी पोस्ट के अलग-अलग कीमत लिखी हुई थी. विधायक ने JPSC-JSSC को बताया नौकरी बिक्री केंद्र.
CBI जांच पर एकजुट हुए NDA विधायक
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि झारखंड के छात्रों को न्याय दिलाने और JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित सीट बेचने के आरोपों की निष्पक्ष CBI जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर NDA के सभी विधायक एकजुट हैं.
मरांडी ने कहा कि जब तक राज्य सरकार इस मामले की CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती, तब तक छात्रों के अधिकार और न्याय की लड़ाई सदन से लेकर सड़क तक जारी रहेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में सरकार जवाब देने से बच नहीं सकती.
इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने वर्ष 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र का एक वीडियो भी साझा किया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित नौकरी बेचने के आरोपों का लगातार विरोध किया है और वर्ष 2024 में भी CBI जांच की मांग उठाई थी. अब विधानसभा के मौजूदा सत्र में भी विपक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर सरकार से जवाब मांगेगा. सरकार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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