विजय उरांव, रांची
क्या झारखंड को रेलवे में बड़ी सौगात मिल रही है? संसद में केंद्र सरकार की ओर से दिए गए जवाब को देखें तो तस्वीर कुछ ऐसी ही नजर आती है. राज्य में रेलवे नेटवर्क बढ़ाने और स्टेशनों को आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है. लोकसभा में चतरा सांसद कालीचरण सिंह के सवाल (Q.No. 1714) के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि झारखंड में इस समय 60,064 करोड़ रुपये की लागत वाली 36 रेलवे परियोजनाओं पर काम हो रहा है. वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 57 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है.
बढ़ा 16 गुना रेल बजट
रेल मंत्रालय के मुताबिक 2009 से 2014 के बीच झारखंड को रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए औसतन 457 करोड़ रुपये सालाना मिलते थे. अब 2026-27 में यह बढ़कर 7,536 करोड़ रुपये हो गया है. यानी पहले के मुकाबले करीब 16 गुना ज्यादा पैसा रेलवे परियोजनाओं पर खर्च किया जा रहा है.
नई रेल लाइन बिछाने की रफ्तार में भी बढ़ोतरी का दावा किया गया है. 2009-14 के दौरान राज्य में 287 किलोमीटर नई लाइन बिछी थी, यानी औसतन 57 किलोमीटर प्रति वर्ष. वहीं 2014 से 2026 के बीच 1,371 किलोमीटर नई लाइन तैयार हुई, जिसकी औसत रफ्तार 114 किलोमीटर प्रति वर्ष रही.

36 परियोजनाओं पर काम, 615 किलोमीटर लाइन तैयार
रेल मंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 तक झारखंड में 10 नई रेल लाइन और 26 डबलिंग या मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं समेत कुल 36 परियोजनाएं स्वीकृत हैं. इनकी कुल लंबाई 2,887 किलोमीटर है और अनुमानित लागत 60,064 करोड़ रुपये है.
इनमें से अब तक 615 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है. मार्च 2026 तक इन परियोजनाओं पर 18,411 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.
हाल के वर्षों में कोडरमा-रांची नई रेल लाइन, मंदारहिल-रामपुरहाट, गिरिडीह-कोडरमा, रांची-लोहरदगा गेज परिवर्तन, साहिबगंज-पीरपैंती डबलिंग, सिनी-आदित्यपुर डबलिंग, डोंगापोसी-राजखरसावां तीसरी लाइन, तलगड़िया-बोकारो डबलिंग और रमना-सिंगरौली डबलिंग जैसी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं.
वहीं धनबाद-सोननगर तीसरी लाइन, बंडामुंडा-रांची डबलिंग, खड़गपुर-आदित्यपुर तीसरी लाइन, कोडरमा-बरकाकाना डबलिंग, भागलपुर-रामपुरहाट डबलिंग, कोडरमा-तिलैया और बुरामारा-चाकुलिया नई रेल लाइन समेत 11 बड़ी परियोजनाओं पर अभी काम जारी है.
57 स्टेशन बदल रहे हैं, 15 का काम पूरा
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है. इनमें से 15 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है. चाईबासा, चांडिल, गिरिडीह, गोड्डा, गोविंदपुर रोड, कतरासगढ़, लोहरदगा, मधुपुर जंक्शन, मुरी जंक्शन, पाकुड़, पिस्का, राजमहल, रामगढ़ कैंटोनमेंट, साहिबगंज और शंकरपुर स्टेशन अब नए स्वरूप में तैयार हैं.
रांची जंक्शन पर दूसरा एंट्री गेट, प्लेटफॉर्म-6 और फुट ओवर ब्रिज का स्ट्रक्चरल काम पूरा हो चुका है. स्टेशन भवन की फिनिशिंग, नया फुट ओवर ब्रिज, पार्किंग, सर्कुलेटिंग एरिया, अंडरग्राउंड वाटर टैंक और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण जारी है.
डाल्टनगंज स्टेशन पर प्लेटफॉर्म ऊंचे किए जा चुके हैं. स्टेशन भवन, पार्किंग और एप्रोच रोड का काम भी पूरा हो गया है. नया फुट ओवर ब्रिज और प्लेटफॉर्म शेल्टर बनाए जा रहे हैं. जपला, नगर ऊंटारी और लातेहार स्टेशनों पर भी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है.
बनेंगे अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन
रेल मंत्री के मुताबिक अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1,340 रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है. इनमें झारखंड के 57 स्टेशनों के अलावा बिहार के 98, छत्तीसगढ़ के 32 और दिल्ली के 13 स्टेशन शामिल हैं.
इन स्टेशनों पर आधुनिक स्टेशन भवन, बेहतर वेटिंग एरिया, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल डिस्प्ले, वाई-फाई, चौड़े फुट ओवर ब्रिज, पार्किंग, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और ग्रीन एनर्जी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.
हालांकि रेल मंत्रालय ने यह भी माना है कि रेलवे परियोजनाओं की रफ्तार कई बार जमीन अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण मंजूरी, दूसरी एजेंसियों से अनुमति, बिजली लाइनों के शिफ्टिंग, भौगोलिक परिस्थितियों और कानून-व्यवस्था जैसी वजहों से प्रभावित होती है. यही कारण है कि कई परियोजनाओं की लागत और समय दोनों बढ़ जाते हैं.
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