विजय उरांव
भारत में आदिवासी और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के लिए उन दूरस्थ क्षेत्रों में ऊर्जा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जहां अभी तक बिजली की पहुंच नहीं है. वहां सोलर ऊर्जा के द्वारा 11 हजार से अधिक परिवारों को रोशन किया गया है. जिसके लिए केंद्र सरकार ने 30 जून तक 57 करोड़ रुपये से अधिक राशि जारी की है. यह जवाब लोकसभा में (Q. N. 1615) केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा एवं विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक ने दी.
दरअसल, मध्य प्रदेस के शहडोल से सांसद हिमाद्री सिंह ने सरकार से पूछा था कि आदिवासी और कमजोर आदिवासी समूहों के क्षेत्रों में वैकल्पिक ऊर्जा प्रदान करने के लिए क्या कर रही है. इसके अलावा उन्होंने पिछले तीन सालों में दी गई आर्थिक सहायता, चल रही योजनाओं और सब्सिडी से जुड़े सवाल पूछे थे.
यह सवाल वैसे क्षेत्र को लेकर थी, जिसमें वैसे परिवारों तक सोलर ऊर्जा पहुंचाना था. जहां बिजली के ग्रीड से कनेक्शन पहुंचाना संभव या व्यवहारिक नहीं है. इसके अलावा PVTGs क्षेत्रों के Multi-Purpose Centres यानी MPCs और चिन्हित आदिवासी क्षेत्रों के सार्वजनिक संस्थानों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है.
किसे कितनी सहायता
योजना के तहत आदिवासी और PVTG परिवारों के लिए 0.3 किलोवाट के ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम की व्यवस्था है. इसके लिए प्रति परिवार अधिकतम 50 हजार रुपये या वास्तविक लागत तक 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता का प्रावधान है. विशेषकर PVTGs क्षेत्रों MPC के लिए एक लाख रुपये केंद्रीय सहायता का प्रावधान है.
इसके अलावा, DAJGUA के तहत चिन्हित आदिवासी बस्तियों में सार्वजनिक संस्थानों के सोलराइजेशन के लिए एक लाख रुपये प्रति किलोवाट तक की सहायता दी जा सकती है. एक संस्थान के लिए अधिकतम क्षमता 20 किलोवाट निर्धारित है. यह योजना PM-JANMAN और DAJGUA के तहत चल रही है.
एक लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य
सरकार ने बताया कि योजना के तहत एक लाख गैर-विद्युतीकृत आदिवासी और PVTG परिवारों को सोलर सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य है. 30 जून 2026 तक 11,838 परिवारों के सोलर ऑफ-ग्रिड सिस्टम से विद्युतीकृत होने की जानकारी दी गई है. हालांकि, लोकसभा के जवाब में 57.10 करोड़ रुपये की राज्यवार या जिलावार राशि का ब्योरा नहीं दिया गया है.
वहीं, ग्रिड से बिजली पहुंचाने के लिए 13 राज्यों में 1,39,126 PVTG परिवारों के लिए 521.45 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए हैं. सरकार के अनुसार, 24 जुलाई 2026 तक 1,38,620 परिवारों का विद्युतीकरण हो चुका है.
सरकार के जवाब के अनुसार, छोटे दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए सोलर पैनल लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से कोई सब्सिडी नहीं दी जा रही है. आदिवासी क्षेत्रों के छोटे कारोबारियों के लिए ऐसी नई सब्सिडी योजना का कोई प्रस्ताव भी फिलहाल विचाराधीन नहीं है.
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